ओढ़ के चुनरिया लाल, मैया जी मेरे घर आना (Odh Ke Chunariya Lal Maiya Ji Mere Ghar Aana)

ओढ़ के चुनरिया लाल,

मैया जी मेरे घर आना,

मैया जी मेरे घर आना,

मैया जी मेरे घर आना,

ओढ़ के चुनरियाँ लाल,

मैया जी मेरे घर आना ॥


आप भी आना,

गणपतिजी को लाना,

आप भी आना,

गणपतिजी को लाना,

रिद्धि सिद्धि होंगे दयाल,

मैया जी मेरे घर आना,

ओढ़ के चुनरियाँ लाल,

मैया जी मेरे घर आना ॥


आप भी आना,

बजरंगी जी को लाना,

आप भी आना,

बजरंगी जी को लाना,

कष्टों का टूटेगा जाल,

मैया जी मेरे घर आना,

ओढ़ के चुनरियाँ लाल,

मैया जी मेरे घर आना ॥


आप भी आना,

संग गौरा जी को लाना,

आप भी आना,

संग गौरा जी को लाना,

देखेंगे भोले का कमाल,

मैया जी मेरे घर आना,

ओढ़ के चुनरियाँ लाल,

मैया जी मेरे घर आना ॥


आप भी आना,

संग लक्ष्मी जी को लाना,

आप भी आना,

संग लक्ष्मी जी को लाना,

सब हो जाएंगे मालामाल,

मैया जी मेरे घर आना,

ओढ़ के चुनरियाँ लाल,

मैया जी मेरे घर आना ॥


ओढ़ के चुनरिया लाल,

मैया जी मेरे घर आना,

मैया जी मेरे घर आना,

मैया जी मेरे घर आना,

ओढ़ के चुनरियाँ लाल,

मैया जी मेरे घर आना ॥

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वृन्दावन धाम अपार, जपे जा राधे राधे (Vridavan Dham Apaar Jape Ja Radhe Radhe)

वृन्दावन धाम अपार,
जपे जा राधे राधे,

नर्मदा जयंती उपाय

गंगा नदी की तरह ही मां नर्मदा को भी बहुत ही पवित्र और पूजनीय माना गया है। भारत में छोटी-बड़ी 200 से अधिक नदियां हैं, जिसमें पांच बड़ी नदियों में नर्मदा भी एक है। इतना ही नहीं, मान्यता है कि नर्मदा के स्पर्श से ही पाप मिट जाते हैं। इसलिए, प्रतिवर्ष माघ महीने के शुक्ल पक्ष की सप्तमी को नर्मदा जयंती मनाई जाती है।

मार्गशीर्ष पूर्णिमा पर करें चालीसा पाठ

मार्गशीर्ष पूर्णिमा इस वर्ष 15 दिसंबर को मनाई जा रही है। यह पर्व हिन्दू धर्म में लक्ष्मीनारायण की पूजा का एक पवित्र और शुभ अवसर है।

बांटो बांटो मिठाई मनाओ ख़ुशी (Banto Banto Mithai Manao Khushi)

बांटो बांटो मिठाई मनाओ खुशी,
मुँह मीठा करवाओ अवध वासियो ।

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