बांटो बांटो मिठाई मनाओ ख़ुशी (Banto Banto Mithai Manao Khushi)

बांटो बांटो मिठाई मनाओ खुशी,

मुँह मीठा करवाओ अवध वासियो ।

आज वन से अवध आ रहे है प्रभु,

दीप माला सजाओ अवध वासियो ।


आ रहे राम रावण का संगार कर,

पापी असुरो से धरती का उधार कर,

काली कजरारी रजनी अमावस्या की,

इसे रोशन बनाओ अवध वासियो,

बांटो बांटो मिठाई मनाओ खुशी ।


माता सीता सहित श्री लखन याम्वन्त,

वीर हनुमान सुग्रीव अंगद के संग,

वो भी लंका पति श्री बीविशन को भी,

अपने वन का कराओ अवध वासियो,

बांटो बांटो मिठाई मनाओ खुशी ।


आ रहा राम का राज्ये गूंजे ये स्वर,

झूमे कुलदीप सरयू की पावन लहर,

पुष्प वर्षा करे देव देवेंदर संग,

धरती माँ को सजाओ अवध वासियो

बांटो बांटो मिठाई मनाओ खुशी ।

........................................................................................................
रविदास चालीसा (Ravidas Chalisa)

बन्दौ वीणा पाणि को , देहु आय मोहिं ज्ञान।

श्री संतोषी माता चालीसा (Shri Santoshi Mata Chalisa)

श्री गणपति पद नाय सिर , धरि हिय शारदा ध्यान ।
सन्तोषी मां की करूँ , कीरति सकल बखान ।

साल का पहला चंद्र ग्रहण कब लगेगा

चंद्र ग्रहण एक अद्भुत खगोलीय घटना है, जब पृथ्वी, सूर्य और चंद्रमा एक सीध में आते हैं और पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़ती है।

उत्पन्ना एकादशी व्रत कथा

उत्पन्ना एकादशी की पौराणिक कथा मां एकादशी के जन्म से संबंधित है। इसमें ये बताया गया है कि उन्होंने भगवान विष्णु को एक राक्षस से कैसे बचाया। दरअसल सतयुग में एक मुरा नाम का एक राक्षस था।

डिसक्लेमर

'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।

यह भी जाने