रिद्धि सिद्धि के संग में, हे गौरी लाल पधारो(Riddhi Siddhi Ke Sang Mein Hey Gauri Laal Padharo)

रिद्धि सिद्धि के संग में,

हे गौरी लाल पधारो,

सब बाधा विघन मिटा कर,

सब बाधा विघन मिटा कर,

मेरे कारज सभी संवारो,

रिद्धि सिद्धी के संग में,

हे गौरी लाल पधारो ॥


बिना तुम्हारे शिव नंदन है,

मेरे काज अधूरे,

तुम आओ तो गणपति मेरे,

काम सभी हो पुरे,

एक बार दया द्रष्टि से,

एक बार दया द्रष्टि से,

हमको गणराज निहारो,

रिद्धि सिद्धी के संग में,

हे गौरी लाल पधारो ॥


सेवा भक्ति नहीं हम जाने,

कैसे तुम्हे मनाए,

टूटे फूटे बोलो से,

गुणगान तुम्हारा गाए,

नादान ‘अमर’ के बप्पा,

नादान ‘अमर’ के बप्पा,

तुम भूले सभी बिसारो,

रिद्धि सिद्धी के संग में,

हे गौरी लाल पधारो ॥


जहाँ चरण तुम्हारे पड़ते,

वहाँ सभी देव आ जाए,

इसलिए गणपति बप्पा,

हम पहले तुम्हे बुलाए,

परिवार सहित प्रभु आओ,

परिवार सहित प्रभु आओ,

मेरी विनती को स्वीकारो,

रिद्धि सिद्धी के संग में,

हे गौरी लाल पधारो ॥


फल फुल मेवा और मोदक,

मैं अर्पण करूँ विधाता,

आँगन में खुशियाँ बरसे,

तुम दया करो जब दाता,

प्रभु रख लो बात हमारी,

प्रभु रख लो बात हमारी,

संकट से हमें उबारो,

रिद्धि सिद्धी के संग में,

हे गौरी लाल पधारो ॥


रिद्धि सिद्धि के संग में,

हे गौरी लाल पधारो,

सब बाधा विघन मिटा कर,

सब बाधा विघन मिटा कर,

मेरे कारज सभी संवारो,

रिद्धि सिद्धी के संग में,

हे गौरी लाल पधारो ॥

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मेरा सर ढकने की माई तेरी चूनर काफी है

धूप समय की लाख सताए मुझ में हिम्मत बाकी है।
धूप समय की लाख सताए मुझ में हिम्मत बाकी है।
मेरा सर ढकने को माई तेरी चूनर काफ़ी है।

मैं भी बोलूं राम तुम भी बोलो ना (Main Bhi Bolun Ram Tum Bhi Bolo Na)

मैं भी बोलूं राम तुम भी बोलो ना, राम है अनमोल मुख को खोलो ना ॥

श्री कृष्ण चालीसा

सनातन धर्म में भगवान श्रीकृष्ण को पूर्णावतार माना गया है। उनका जन्म भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को हुआ था।

हे गिरधर गोपाल लाल तू आजा मोरे आँगना (Hey Girdhar Gopaal Laal Tu Aaja More Angana)

हे गिरधर गोपाल लाल तू,
आजा मोरे आँगना,

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