नवीनतम लेख

अवध बिहारी हो, हम आए शरण तिहारी (Awadh Bihari Ho,Hum Aaye Sharan Tihari)

अवध बिहारी हो,

हम आए शरण तिहारी,

गिरवर धारी हो,

हम आए शरण तिहारी ॥


महापातकी रहा अजामिल,

उसे मिला सुरधाम,

नारायण आ गए लिया जब,

पुत्र का अपने नाम,

संकट हारी हो,

आया शरण तिहारी,

अवध बिहारी हों,

हम आए शरण तिहारी ॥


जब जल में गजराज ग्राह में,

युद्ध हुआ घनघोर,

हार गया गज तो बोला,

दौड़ो नंद किशोर,

सुदर्शन धारी हो,

आया शरण तिहारी,

अवध बिहारी हों,

हम आए शरण तिहारी ॥


हिरणाकुश प्रहलाद को जब,

बाँधा खंबे के साथ,

तब बोला प्रहलाद कहाँ हो,

आओ दीनानाथ,

शरण हितकारी हो,

आया शरण तिहारी,

अवध बिहारी हों,

हम आए शरण तिहारी ॥


अवध बिहारी हो,

हम आए शरण तिहारी,

गिरवर धारी हो,

हम आए शरण तिहारी ॥


फूलों में सज रहे हैं (Phoolon Mein Saj Rahe Hai)

फूलों में सज रहे हैं,
श्री वृन्दावन बिहारी,

गंगा के खड़े किनारे, भगवान् मांग रहे नैया (Ganga Ke Khade Kinare Bhagwan Mang Rahe Naiya)

गंगा के खड़े किनारे
भगवान् मांग रहे नैया

मैया अम्बे मैया, लाल तेरा घबराये (Maiya Ambe Maiya Lal Tera Ghabraye)

मैया अम्बे मैया,
लाल तेरा घबराये हर पल तुझे बुलाये ॥

श्री भैरव चालीसा (Shri Bhairav ​​Chalisa)

श्री गणपति गुरु गौरी पद, प्रेम सहित धरि माथ ।
चालीसा वंदन करो, श्री शिव भैरवनाथ ॥