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एक तू ही है मेरा, बाकी सब है वहम(Ek Tu Hi Hai Mera Baki Sab Hai Veham)

मेरे बाबा साथ,

छोड़ना ना तुझे है कसम,

एक तू ही है मेरा,

बाकी सब है वहम,

मेरे बाबा साथ,

छोड़ना ना तुझे है कसम॥ 


मिलता सब कुछ,

दरबार में तेरे जो भी आता है,

लो आ गई मैं भी दर पे,

मुझको भी हो कृपा,

मेरी सुनले बाबा,

बाणधारी खाटू के चमन,

एक तू ही हैं मेरा,

बाकी सब है वहम,

मेरे बाबा साथ,

छोड़ना ना तुझे है कसम ॥


चलना साथ हरदम,

बाबा मैं विश्वास लाइ हूँ,

दुनिया से हार गई हूँ,

तेरे दर पे आई हूँ,

रहना हरपल बाबा,

साथ मेरे तुझे है कसम,

एक तू ही हैं मेरा,

बाकी सब है वहम,

मेरे बाबा साथ,

छोड़ना ना तुझे है कसम ॥


आऊं नगरी तेरी तो,

मैं बस तेरी हो जाऊं,

तेरे दर्शन जो कर लूँ,

मैं तुझमे खो जाऊं,

तेरे मिलने की दुरी अब,

हुई है ख़तम,

एक तू ही हैं मेरा,

बाकी सब है वहम,

मेरे बाबा साथ,

छोड़ना ना तुझे है कसम ॥


मेरे बाबा साथ,

छोड़ना ना तुझे है कसम,

एक तू ही है मेरा,

बाकी सब है वहम,

मेरे बाबा साथ,

छोड़ना ना तुझे है कसम ॥

घुमतड़ा घर आवो, ओ म्हारा प्यारा गजानन (Ghumta Ghar Aao Mhara Pyara Gajanan)

घुमतड़ा घर आवो,
ओ म्हारा प्यारा गजानन,

आमलकी एकादशी पौराणिक कथा

फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को आमलकी के अलावा आंवला एकादशी के नाम से जाना जाता है। हिंदू मान्यताओं के अनुसार इस दिन आंवले पेड़ की उत्तपति हुई थी।

बाबा तुम जो मिल गए - श्री श्याम (Baba Tum Jo Mil Gaye)

वो नाव कैसे चले
जिसका कोई खेवनहार ना हो,

सुहागिनों के लिए क्यों खास है गणगौर

गणगौर व्रत भारतीय संस्कृति में स्त्रियों की श्रद्धा, प्रेम और सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है। यह पर्व विशेष रूप से राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और हरियाणा में बड़े धूमधाम से मनाया जाता है।