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गिरा जा रहा हूँ, उठा लो उठा लो(Gira Ja Raha Hu Utha Lo)

प्रभु अपने दर से, अब तो ना टालो,

गिरा जा रहा हूँ, उठा लो उठा लो,

प्रभु अपने दर से, अब तो ना टालो,

गिरा जा रहा हूँ, उठा लो उठा लो,


खाली ना जाता कोई दर से तुम्हारे,

द्वारे खड़ा हूँ नन्ही बाहें पसारे,

चरणों की सेवा में, लगा लो लगा लो

गिरा जा रहा हूँ, उठा लो उठा लो,

प्रभु अपने दर से, अब तो ना टालों,

गिरा जा रहा हूँ, उठा लो उठा लो ।

प्रभु अपने दर से..


नहीं टूट पायेगा, दुनियाँ का बंधन,

जब तक कृपा ना होगी तेरी रघुनंदन,

कदम लड़खड़ाए हैं, संभालो संभालो

गिरा जा रहा हूँ, उठा लो उठा लो,

प्रभु अपने दर से, अब तो ना टालों,

गिरा जा रहा हूँ, उठा लो उठा लो ।

प्रभु अपने दर से..


अगर था हटाना तो फिर क्यों बुलाया,

सोते ही रहने देते काहे जगाया,

अब जब जगाया तो अपना बना लो,

गिरा जा रहा हूँ, उठा लो उठा लो,

प्रभु अपने दर से, अब तो ना टालों,

गिरा जा रहा हूँ, उठा लो उठा लो ।

प्रभु अपने दर से..


बंधन प्रताप सारे टूट चुके हैं,

जितने सहारे थे छूट चुके हैं,

अवसर मिला है अपना वादा निभा लो,

गिरा जा रहा हूँ, उठा लो उठा लो,

प्रभु अपने दर से, अब तो ना टालों,

गिरा जा रहा हूँ, उठा लो उठा लो ।

प्रभु अपने दर से..


प्रभु अपने दर से, अब तो ना टालों,

गिरा जा रहा हूँ, उठा लो उठा लो,

प्रभु अपने दर से, अब तो ना टालों,

गिरा जा रहा हूँ, उठा लो उठा लो,

30 नवंबर या 1 दिसंबर, कब है मार्गशीर्ष अमावस्या?

हिंदू धर्म में दर्श अमावस्या का दिन अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। हर महीने आने वाली अमावस्या को दर्श अमावस्या कहते हैं। यह दिन पितरों को श्रद्धांजलि देने के लिए समर्पित है।

तुम शरणाई आया ठाकुर(Tum Sharnai Aaya Thakur)

तुम शरणाई आया ठाकुर
तुम शरणाई आया ठाकुर ॥

सांवरा जब मेरे साथ है(Sanwara Jab Mere Sath Hai)

सांवरा जब मेरे साथ है,
हमको डरने की क्या बात है ।

मेरे तन में भी राम, मेरे मन में भी राम(Mere Tan Mein Bhi Ram Mere Maan Mein Bhi Ram)

मेरे तन में भी राम,
मेरे मन में भी राम,