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हाजीपुर केलवा महँग भेल हे धनिया (Hajipur Kelwa Mahang Bhaile Dhaniya)

हाजीपुर केलवा महँग भेल हे धनिया

छोड़ी देहु आहे धनि छठी रे वरतिया

हाजीपुर नारियल महँग भेल हे धनिया

छोड़ी देहु आहे धनि छठी रे वरतिया


हम कैसे छोड़ब प्रभु छठी रे वरतिया

हम कैसे छोड़ब प्रभु छठी रे वरतिया

छठी रे वरतिया मोरा प्राण के अधरबा

छठी रे वरतिया मोरा प्राण के अधरबा

छठी रे वरतिया मोरा अवध सेनोरबा

छठी रे वरतिया मोरा अवध सेनोरबा


दउरा गोल सुपवा महँग भेल हे धनिया

कोरवा गेहुंअवा महँग भेल हे धनिया

छोड़ी देहु आहे धनि छठी रे वरतिया


हम नहीं छोड़ब प्रभु छठी रे वरतिया

छठिया करइते बढ़ल कुल परिबरवा

छठी रे वरतिया मोरा प्राण के अधरबा


हम कैसे छोड़ब प्रभु छठी रे वरतिया

छठी रे वरतिया देल गोदी के बलकबा

अन धन लक्ष्मी बढ़ल नैहर ससुरवा


हाजीपुर केलवा महँग भेल हे धनिया

छोड़ी देहु आहे धनि छठी रे वरतिया

हम नहीं छोड़ब प्रभु छठी रे वरतिया


राम राम जपो, चले आएंगे हनुमान जी (Ram Ram Bhajo Chale Aayenge Hanuman Ji)

दो अक्षर वाला नाम,
आये बड़ा काम जी,

परिवर्तनी एकादशी 2024: चातुर्मास के दौरान जब भगवान विष्णु बदलते हैं करवट, जानें इस दिन की पूजा का शुभ मुहूर्त और महत्व

हिंदू धर्म में व्रत और त्योहारों का बहुत महत्व है। हर एक त्योहार और व्रत से जुड़ी कई कथाएं होती हैं, जिन्हें पढ़ने और जानने से व्यक्ति को धार्मिक लाभ होते हैं।

प्राण त्यागने से पहले भीष्म ने क्या कहा था?

सनातन धर्म में भीष्म अष्टमी का दिन अत्यंत शुभ माना गया है। यह महाभारत काल से जुड़ा हुआ है, जिसमें अनेक शिक्षाएं निहित हैं। महाप्रतापी योद्धा भीष्म पितामह को इच्छामृत्यु का वरदान प्राप्त था, जिसके कारण वे अपनी इच्छा से प्राण त्याग सकते थे।

मैं सहारे तेरे, श्याम प्यारे मेरे (Main Sahare Tere, Shyam Pyare Mere)

मैं सहारे तेरे,
श्याम प्यारे मेरे,