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जपा कर बैठ कर बन्दे, राम का नाम प्यारा है (Japa Kar Baith Kar Bande Ram Ka Naam Pyara Hai)

जपा कर बैठ कर बन्दे,

राम का नाम प्यारा है,

राम का नाम प्यारा है,

प्रभु का नाम प्यारा है,

जपाकर बैठ कर बन्दे,

राम का नाम प्यारा है ॥


छुआई चरण रज अपनी,

अहिल्या भव से तारी थी,

पति के श्राप से भक्तो,

बनी पत्थर बेचारी थी,

चरण रज उसको दी अपनी,

हाँ कष्टों से उबारा है,

जपाकर बैठ कर बन्दे,

राम का नाम प्यारा है ॥


पिता के वचनो को माना,

प्रभु जी गंगा आए थे,

प्रभु के पग पखारे थे,

चरणामृत केवट पाए थे,

बिठाया नाव में अपनी,

हाँ गंगा पार उतारा है,

जपाकर बैठ कर बन्दे,

राम का नाम प्यारा है ॥


भगत शबरी की कुटिया में,

प्रभु भाई सहित आए,

बेर झूठे माँ शबरी के,

हाथ से प्रभु जी थे खाए,

माँ शबरी का किया कल्याण,

प्रभु जी बने सहारा है,

जपाकर बैठ कर बन्दे,

राम का नाम प्यारा है ॥


राम के नाम का चन्दन,

श्री हनुमत ने लगाया है,

प्रभु जी ह्रदय लगाए थे,

भरत के सम बताया है,

चिर के सीना दिखलाया,

सभी ने दर्श पाया है,

जपाकर बैठ कर बन्दे,

राम का नाम प्यारा है ॥


जपा कर बैठ कर बन्दे,

राम का नाम प्यारा है,

राम का नाम प्यारा है,

प्रभु का नाम प्यारा है,

जपाकर बैठ कर बन्दे,

राम का नाम प्यारा है ॥

स्कंद षष्ठी पर क्या भोग लगाएं

स्कंद षष्ठी का पर्व भगवान शिव के बड़े पुत्र, भगवान कार्तिकेय को समर्पित है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन विधिवत पूजा करने से व्यक्ति को मनोवांछित फल की प्राप्ति हो सकती है।

केतु ग्रह की पूजा विधि

केतु को आध्यात्मिक विकास, मोक्ष और वैराग्य का कारक माना जाता है। केतु ग्रह व्यक्ति के पिछले जन्मों के कर्मों का फल देते हैं। यह व्यक्ति के जीवन में अचानक बदलाव ला सकता हैं, चाहे वह अच्छे हों या बुरे।

दे दो अंगूठी मेरे प्राणों से प्यारी(De Do Anguthi Mere Prano Se Pyari)

दे दो अंगूठी मेरे प्राणों से प्यारी
इसे लाया है कौन, इसे लाया है कौन

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शीतल हैं शीतल वचन, चन्दन से अधिकाय ।
कल्प वृक्ष सम प्रभु चरण, हैं सबको सुखकाय ।।