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जपा कर बैठ कर बन्दे, राम का नाम प्यारा है (Japa Kar Baith Kar Bande Ram Ka Naam Pyara Hai)

जपा कर बैठ कर बन्दे,

राम का नाम प्यारा है,

राम का नाम प्यारा है,

प्रभु का नाम प्यारा है,

जपाकर बैठ कर बन्दे,

राम का नाम प्यारा है ॥


छुआई चरण रज अपनी,

अहिल्या भव से तारी थी,

पति के श्राप से भक्तो,

बनी पत्थर बेचारी थी,

चरण रज उसको दी अपनी,

हाँ कष्टों से उबारा है,

जपाकर बैठ कर बन्दे,

राम का नाम प्यारा है ॥


पिता के वचनो को माना,

प्रभु जी गंगा आए थे,

प्रभु के पग पखारे थे,

चरणामृत केवट पाए थे,

बिठाया नाव में अपनी,

हाँ गंगा पार उतारा है,

जपाकर बैठ कर बन्दे,

राम का नाम प्यारा है ॥


भगत शबरी की कुटिया में,

प्रभु भाई सहित आए,

बेर झूठे माँ शबरी के,

हाथ से प्रभु जी थे खाए,

माँ शबरी का किया कल्याण,

प्रभु जी बने सहारा है,

जपाकर बैठ कर बन्दे,

राम का नाम प्यारा है ॥


राम के नाम का चन्दन,

श्री हनुमत ने लगाया है,

प्रभु जी ह्रदय लगाए थे,

भरत के सम बताया है,

चिर के सीना दिखलाया,

सभी ने दर्श पाया है,

जपाकर बैठ कर बन्दे,

राम का नाम प्यारा है ॥


जपा कर बैठ कर बन्दे,

राम का नाम प्यारा है,

राम का नाम प्यारा है,

प्रभु का नाम प्यारा है,

जपाकर बैठ कर बन्दे,

राम का नाम प्यारा है ॥

चैत्र नवरात्रि कथा

चैत्र नवरात्रि हिंदू नव वर्ष के साथ आती है और इसे विशेष धार्मिक महत्व प्राप्त है। पंचांग के अनुसार, 2025 में चैत्र नवरात्र 30 मार्च से शुरू होकर 7 अप्रैल तक चलेगी।

माघ पूर्णिमा में चन्द्रमा पूजन

हिंदू धर्म में पूर्णिमा तिथि का काफी महत्व है। इस दिन भगवान विष्णु, मां लक्ष्मी और चंद्र देव की पूजा का विधान है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस तिथि पर लोग व्रत रखते हैं और पूजा-अर्चना करते हैं।

ही आशा लेकर आती हूँ ( Yahi Aasha Lekar Aati Hu)

यही आशा लेकर आती हूँ,
हर बार तुम्हारे मंदिर में,

मेरे ओ सांवरे, तूने क्या क्या नहीं किया (Mere O Sanware Tune Kya Kya Nahi Kiya)

मेरे ओ सांवरे,
तूने क्या क्या नहीं किया,