नवीनतम लेख

मेरा श्याम बड़ा अलबेला (Mera Shyam Bada Albela)

मेरा श्याम बड़ा अलबेला,

मेरी मटकी में मार गया ढेला,

मेरा श्याम बड़ा अलबेला,

मेरी मटकी में मार गया ढेला,


कभी गंगा के तीर,

कभी यमुना के तीर,

कभी गंगा के तीर,

कभी यमुना के तीर,

कभी सरयू में नहाये अकेला,

कभी सरयू में नहाये अकेला,

मेरी मटकी में मार गया ढेला,

मेरा श्याम बडा अलबेला,

मेरी मटकी में मार गया ढेला ॥


कभी गोपियों के संग,

कभी ग्वालों के संग,

कभी गोपियों के संग,

कभी ग्वालों के संग,

कभी गउवे चराये अकेला,

कभी गउवे चराये अकेला,

मेरी मटकी में मार गया ढेला,

मेरा श्याम बडा अलबेला,

मेरी मटकी में मार गया ढेला ॥


कभी भामा के संग,

कभी रुक्मणि के संग,

कभी भामा के संग,

कभी रुक्मणि के संग,

कभी राधा के संग अकेला,

कभी राधा के संग अकेला,

मेरी मटकी में मार गया ढेला,

मेरा श्याम बडा अलबेला,

मेरी मटकी में मार गया ढेला ॥


कभी सूरज के संग,

कभी चंदा के संग,

कभी सूरज के संग,

कभी चंदा के संग,

कभी तारो से खेले अकेला,

कभी तारो से खेले अकेला,

मेरी मटकी में मार गया ढेला,

मेरा श्याम बडा अलबेला,

मेरी मटकी में मार गया ढेला ॥


कभी संतों के संग,

कभी भक्तों के संग,

कभी संतों के संग,

कभी भक्तों के संग,

कभी मस्ती में बैठा अकेला,

कभी मस्ती में बैठा अकेला,

मेरी मटकी में मार गया ढेला,

मेरा श्याम बडा अलबेला,

मेरी मटकी में मार गया ढेला ॥


मेरा श्याम बड़ा अलबेला,

मेरी मटकी में मार गया ढेला,

मेरा श्याम बड़ा अलबेला,

मेरी मटकी में मार गया ढेला,


मेरा मन पंछी ये बोले, उड़ वृन्दावन जाऊँ (Mera Man Panchi Ye Bole Ud Vrindavan Jaau)

मेरा मन पंछी ये बोले,
उड़ वृन्दावन जाऊँ,

वो काला एक बांसुरी वाला (Wo Kala Ek Bansuri Wala)

वो काला एक बांसुरी वाला,
सुध बिसरा गया मोरी रे ।

श्री विश्वकर्मा चालीसा (Shri Vishwakarma Chalisa)

श्री विश्वकर्म प्रभु वन्दऊं, चरणकमल धरिध्यान।
श्री, शुभ, बल अरु शिल्पगुण, दीजै दया निधान॥

रघुवीर को, प्रणाम हमारा कह देना(Raghuvir Ko Pranam Hamara Keh Dena)

ओ जाने वाले रघुवीर को,
प्रणाम हमारा कह देना