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मेरे प्रभु राम आये हैं(Mere Prabhu Ram Aye Hain)

राम लक्ष्मण जानकी,

जय बोलो हनुमान

राम लक्ष्मण जानकी,

जय बोलो हनुमान

सिया वर रामचंद्र की जय

प्रभु रामचंद्र की जय


अवध मे होरही जय जयकार

मेरे प्रभु राम आये हैं

अवध मे हो रही जय जयकार

मेरे प्रभु राम आये हैं


संग सिया लक्ष्मण को लेकर

अंजनी पुत्र भी आये हैं


अवध मे होरही जय जयकार

मेरे प्रभु राम आये हैं


कितने दिनों से बाट निहारूं

मंदिर खूब सजाये हैं


अवध मे होरही जय जयकार

मेरे प्रभु राम आये हैं


ऐसे बसो मन अंतर्मन प्रभुजी

राहों में दीप जलाये हैं


अवध मे होरही जय जयकार

मेरे प्रभु राम आये हैं

अवध हे हो रही जय जयकार

मेरे प्रभु राम आये हैं

हम सब बोलेंगें हैप्पी बर्थ डे टू यू श्याम (Hum Sab Bolenge Happy Birthday To You Shyam)

रंगी गुब्बारो से मंडप सजाया है,
मिशरी मावे का एक केक मंगाया है,

म्हारा उज्जैन का महाराजा ने, खम्मा रे खम्मा(Mhara Ujjain Ka Maharaja Ne Khamma Re Khamma)

म्हारा उज्जैन का महाराजा ने,
खम्मा रे खम्मा,

शबरी जंयती की पूजा विधि

शबरी जयंती सनातन धर्म में महत्वपूर्ण हिंदू त्योहार है जो हर साल फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि को मनाया जाता है। हर साल माता शबरी के जन्मोत्सव के रूप में शबरी जयंती मनाई जाती है। हिंदू पंचांग के अनुसार, शबरी जयंती फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि को मनाई जाती है।

खरमास माह में तुलसी पूजा का महत्व

सनातन धर्म में तुलसी का खास महत्व है। तुलसी को लक्ष्मी का ही रूप माना जाता है। इसलिए, बिना तुलसी के श्रीहरि की पूजा पूरी नहीं मानी जाती। सभी घरों में सुबह-शाम तुलसी पूजा की जाती है।