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मेरी रसना से प्रभु तेरा नाम निकले (Meri Rasna Se Prabhu Tera Naam Nikle)

मेरी रसना से प्रभु तेरा नाम निकले,

हर घड़ी हर पल राम राम निकले ॥


मन मंदिर में ज्योत जगाउंगी,

प्रभु सदा मैं तेरे गुण गाउंगी,

मेरे रोम रोम से तेरा नाम निकले,

मेरे रोम रोम से तेरा नाम निकले,

हर घड़ी हर पल राम राम निकले,

मेरी रसना से प्रभु तेरा नाम निकलें,

हर घड़ी हर पल राम राम निकले ॥


मेरे अवगुण चित्त से भुला देना,

मेरी नैया को पार लगा देना,

तेरी पूजा में जीवन तमाम निकले,

हर घड़ी हर पल राम राम निकले,

मेरी रसना से प्रभु तेरा नाम निकलें,

हर घड़ी हर पल राम राम निकले ॥


तेरी महिमा का सदा गुणगान करूँ,

तेरे वचनों का नित मैं ध्यान धरूँ,

तेरी भक्ति में सुबह और शाम निकले,

हर घड़ी हर पल राम राम निकले,

मेरी रसना से प्रभु तेरा नाम निकलें,

हर घड़ी हर पल राम राम निकले ॥


मेरी रसना से प्रभु तेरा नाम निकले,

हर घड़ी हर पल राम राम निकले ॥

सावन सुहाना आया है(Sawan Suhana Aaya Hai)

सावन सुहाना आया है, सावन,
संदेसा माँ का लाया है, सावन ॥

बड़े मान से जमाना, माँ तुमको पूजता है (Bade Maan Se Zamana Maa Tujhe Pujata Hai)

बड़े मान से जमाना,
माँ तुमको पूजता है,

जो राम का नहीं, किसी काम का नहीं (Jo Ram Ka Nahi Kisi Kaam Ki Nahi)

वो नमस्ते दुआ और,
सलाम का नहीं,

ऋण-मोचक मंगल-स्तोत्रं (Rin Mochak Mangal Stotram)

मंगलो भूमिपुत्रश्च ऋणहर्ता धनप्रद:। स्थिरासनो महाकाय: सर्व-कर्मावरोधकः॥1॥