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जो राम का नहीं, किसी काम का नहीं (Jo Ram Ka Nahi Kisi Kaam Ki Nahi)

वो नमस्ते दुआ और,

सलाम का नहीं,

जो राम का नहीं,

किसी काम का नहीं ॥


दुनिया के लोग हमें,

कितना भी कोसे,

रहते है मस्त हम,

राम के भरोसे,

डर हमको किसी,

परिणाम का नहीं,

जो राम का नही,

किसी काम का नहीं ॥


राम जी के सेवक तो,

वो ही असल है,

जो राम से ही शीतल,

और राम से सरल है,

लोभ उसे रुतबे और,

नाम का नहीं,

जो राम का नही,

किसी काम का नहीं ॥


छोटी सी बात तुम्हे,

‘सोनू’ बताएं,

जो राम को रिझाए,

वही हनुमत को भाए,

राम के बिना वो,

हनुमान का नहीं,

जो राम का नही,

किसी काम का नहीं ॥


वो नमस्ते दुआ और,

सलाम का नहीं,

जो राम का नहीं,

किसी काम का नहीं ॥

बिना लक्ष्मण के है जग सुना सुना (Bina Lakshman Ke Hai Jag Soona Soona)

लगी चोट रघुवर के तब ऐसी मन में,
रोके सुग्रीव से बोले जाओ,

भक्तों के घर कभी, आजा शेरावाली (Bhakton Ke Ghar Kabhi Aaja Sherawali)

भक्तों के घर कभी,
आजा शेरावाली,

मार्गशीर्ष कृष्ण जन्माष्टमी पूजा विधि और भोग

वैदिक पंचाग के अनुसार, मार्गशीर्ष माह में कृष्ण जन्माष्टमी आज यानी 22 नवंबर 2024 को मनाई जा रही है। मासिक कृष्ण जन्माष्टमी भगवान श्रीकृष्ण की कृपा प्राप्त करने और जीवन के दुखों को दूर करने का श्रेष्ठ अवसर है।

कितने साल तक रखना चाहिए एकादशी और प्रदोष व्रत

हिन्दू धर्म में एकादशी और प्रदोष व्रत का विशेष महत्व है। ये व्रत धार्मिक श्रद्धा, मानसिक शांति और आध्यात्मिक लाभ के लिए किए जाते हैं।