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जो राम का नहीं, किसी काम का नहीं (Jo Ram Ka Nahi Kisi Kaam Ki Nahi)

वो नमस्ते दुआ और,

सलाम का नहीं,

जो राम का नहीं,

किसी काम का नहीं ॥


दुनिया के लोग हमें,

कितना भी कोसे,

रहते है मस्त हम,

राम के भरोसे,

डर हमको किसी,

परिणाम का नहीं,

जो राम का नही,

किसी काम का नहीं ॥


राम जी के सेवक तो,

वो ही असल है,

जो राम से ही शीतल,

और राम से सरल है,

लोभ उसे रुतबे और,

नाम का नहीं,

जो राम का नही,

किसी काम का नहीं ॥


छोटी सी बात तुम्हे,

‘सोनू’ बताएं,

जो राम को रिझाए,

वही हनुमत को भाए,

राम के बिना वो,

हनुमान का नहीं,

जो राम का नही,

किसी काम का नहीं ॥


वो नमस्ते दुआ और,

सलाम का नहीं,

जो राम का नहीं,

किसी काम का नहीं ॥

गुप्त नवरात्रि में देवी पूजा कैसे करें

यूं तो नवरात्रि पूरे साल मे 4 बार आती है। चैत्र और शारदीय नवरात्रि के अलावा दो नवरात्रि माघ और आषाढ़ के समय मनाई जाती है। जिन्हें गुप्त नवरात्रि के रूप मे जाना जाता है।

नाग स्तोत्रम् (Nag Stotram)

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ब्रह्मा जी की पूजा विधि

ब्रह्मा जी, जिन्हें सृष्टि के रचयिता के रूप में जाना जाता है, के कई मंदिर होने के बावजूद उनका सबसे प्रसिद्ध मंदिर राजस्थान के पुष्कर में स्थित है।

जय बजरंगी जय हनुमाना - हनुमान स्तुति (Jai Bajrangbali Jai Hanumana)

हनुमानजी स्तुति,
जय बजरंगी जय हनुमाना,