नवीनतम लेख

ओ शंकर मेरे, कब होंगे दर्शन तेरे (O shankar Mere Kab Honge Darshan Tere)

ओ शंकर मेरे,

कब होंगे दर्शन तेरे,

जीवन पथ पर शाम सवेरे,

जीवन पथ पर शाम सवेरे,

छाए है घनघोर अँधेरे,

ओ शंकर मेरें,

कब होंगे दर्शन तेरे ॥


मैं मूरख तू अंतर्यामी,

मैं मूरख तू अंतर्यामी,

मैं सेवक तू मेरा स्वामी,

मैं सेवक तू मेरा स्वामी,

काहे मुझसे नाता तोड़ा,

मन छोड़ा मंदिर भी छोड़ा,

कितनी दूर लगाये तूने,

जा कैलाश पे डेरे,

ओ शंकर मेरें,

कब होंगे दर्शन तेरे ॥


तेरे द्वार पे ज्योत जगाते,

तेरे द्वार पे ज्योत जगाते,

युग बीते तेरे गुण गाते,

युग बीते तेरे गुण गाते,

ना मांगू मैं हीरे मोती,

मांगू बस थोड़ी सी ज्योति,

खाली हाथ न जाऊँगा मैं,

दाता द्वार से तेरे,

ओ शंकर मेरें,

कब होंगे दर्शन तेरे ॥


ओ शंकर मेरे,

कब होंगे दर्शन तेरे,

जीवन पथ पर शाम सवेरे,

जीवन पथ पर शाम सवेरे,

छाए है घनघोर अँधेरे,

ओ शंकर मेरें,

कब होंगे दर्शन तेरे ॥

भादी मावस है आई(Bhadi Mawas Hain Aai)

भादी मावस है आई,
भक्ता मिल ज्योत जगाई,

माँ मुरादे पूरी करदे हलवा बाटूंगी(Maa Murade Puri Karde Main Halwa Batungi)

माँ मुरादे पूरी करदे हलवा बाटूंगी।
ज्योत जगा के, सर को झुका के,

रंगपंचमी के खास उपाय

रंग पंचमी का पर्व हर साल चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी ने होली खेली थी, और देवी-देवता भी होली खेलने के लिए पृथ्वी पर आए थे।

भजन करो मित्र मिला आश्रम नरतन का (Bhajan Karo Mitra Mila Ashram Nartan Ka)

बैठ के तु पिंजरे में,
पंछी काहे को मुसकाय,

यह भी जाने