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ओ शंकरा मेरे शिव शंकरा (O Shankara Mere Shiv Shankara)

ओ शंकरा मेरे शिव शंकरा,

बालक मैं तू पिता है,

तुझसे कुछ नही छिपा है,

शंकरा भोलेनाथ भोलेनाथ,

ओ शंकरा मेरें शिव शंकरा,

बालक मैं तू पिता है ॥


अंग विभूति गले रुंड माला,

शमशानों का वासी बड़ा दयाला,

गंगा किनारे डेरा ओ लागे,

नन्दी संग तेरे भैरव साजे,

ओ शंकरा मेरें शिव शंकरा,

बालक मैं तू पिता है ॥


शरण तुम्हारे जो भी आता,

खाली हाथ कभी ना जाता,

कृपा करो दया करो,

हे शिव शंकर हे अभ्यंकर,

ओ शंकरा मेरें शिव शंकरा,

बालक मैं तू पिता है ॥


ओ शंकरा मेरे शिव शंकरा,

बालक मैं तू पिता है,

तुझसे कुछ नही छिपा है,

शंकरा भोलेनाथ भोलेनाथ,

ओ शंकरा मेरें शिव शंकरा,

बालक मैं तू पिता है ॥

होली से पहले आने वाला होलाष्टक क्या है

एक पौराणिक कथा है जिसके अनुसार जब प्रह्लाद भगवान विष्णु की स्तुति गाने के लिए अपने पिता हिरण्यकश्यप के सामने अड़ गए, तो हिरण्यकश्यप ने भगवान हरि के भक्त प्रह्लाद को आठ दिनों तक यातनाएं दीं।

मेरे पवनपुत्र हनुमान, करूं मैं तेरा हर पल ध्यान (Mere Pawanputra Hanuman Karu Main Tera Har Pal Dhyan)

मेरे पवनपुत्र हनुमान,
करूं मैं तेरा हर पल ध्यान,

विष्णु चालीसा पाठ

शास्त्रों के अनुसार, पापमोचनी एकादशी व्रत भगवान विष्णु को समर्पित होता है। इस दिन व्रत करने और भगवान विष्णु की विशेष पूजा-अर्चना करने से भक्त के सभी पाप समाप्त होते हैं।

2025 की पहली शनि त्रयोदशी कब है

जब शनिवार और त्रयोदशी तिथि एक साथ आती है तो उसे शनि त्रयोदशी कहते हैं। यह एक खास दिन होता है। यह हर महीने के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को आता है।

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