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ओ शंकरा मेरे शिव शंकरा (O Shankara Mere Shiv Shankara)

ओ शंकरा मेरे शिव शंकरा,

बालक मैं तू पिता है,

तुझसे कुछ नही छिपा है,

शंकरा भोलेनाथ भोलेनाथ,

ओ शंकरा मेरें शिव शंकरा,

बालक मैं तू पिता है ॥


अंग विभूति गले रुंड माला,

शमशानों का वासी बड़ा दयाला,

गंगा किनारे डेरा ओ लागे,

नन्दी संग तेरे भैरव साजे,

ओ शंकरा मेरें शिव शंकरा,

बालक मैं तू पिता है ॥


शरण तुम्हारे जो भी आता,

खाली हाथ कभी ना जाता,

कृपा करो दया करो,

हे शिव शंकर हे अभ्यंकर,

ओ शंकरा मेरें शिव शंकरा,

बालक मैं तू पिता है ॥


ओ शंकरा मेरे शिव शंकरा,

बालक मैं तू पिता है,

तुझसे कुछ नही छिपा है,

शंकरा भोलेनाथ भोलेनाथ,

ओ शंकरा मेरें शिव शंकरा,

बालक मैं तू पिता है ॥

राम नाम तू जप ले रे बंदे, बनेंगे तेरे काम(Ram Naam Tu Japle Re Bande Banenge Tere Kaam)

राम नाम तू जप ले रे बंदे,
बनेंगे तेरे काम,

भेजा है बुलावा, तूने शेरा वालिए (Bheja Hai Bulava Tune Shera Waliye)

भेजा है बुलावा, तूने शेरा वालिए
ओ मैया तेरे दरबार,

मेरे गणनायक तुम आ जाओ (Mere Gannayak Tum Aa Jao)

मेरे गणनायक तुम आ जाओ,
मैं तो कबसे बाट निहार रही,

चंद्रदेव को प्रसन्न करने के उपाय

हिन्दू धर्म में अमावस्या तिथि का विशेष महत्व है। ख़ासकर, पौष मास की अमावस्या को पितरों को प्रसन्न करने और चंद्रदेव की कृपा प्राप्त करने का उत्तम अवसर माना गया है। इस दिन भगवान सूर्य, चंद्रदेव और श्रीहरि की विधिवत पूजा के साथ पिंडदान और तर्पण का विधान है।

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