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Ram Ji Se Puche Janakpur Ke Nari Lyrics (राम जी से पूछे जनकपुर की नारी)

राम जी से पूछे जनकपुर की नारी,

बता दा बबुआ लोगवा देत कहे गारी,

बता दा बबुआ ॥


तोहरा से पुछु मैं ओ धनुषधारी,

एक भाई गोर काहे एक काहे कारी,

बता दा बबुआ लोगवा देत कहे गारी,

बता दा बबुआ ॥


इ बूढ़ा बाबा के पक्कल पक्कल दाढ़ी,

देखन में पातर खाये भर थारी,

बता दा बबुआ लोगवा देत कहे गारी,

बता दा बबुआ ॥


राजा दशरथ जी कइलन होशियारी,

एकता मरद पर तीन तीन जो नारी,

बता दा बबुआ लोगवा देत कहे गारी,

बता दा बबुआ ॥


कहथिन सनेह लता मन में बिचारिन,

हम सब लगैछी पाहून सर्वो खुशहाली,

बता दा बबुआ लोगवा देत कहे गारी,

बता दा बबुआ ॥


राम जी से पूछे जनकपुर की नारी,

बता दा बबुआ लोगवा देत कहे गारी,

बता दा बबुआ ॥

नर से नारायण बन जायें(Nar Se Narayan Ban Jayen Prabhu Aisa Gyan Hamen Dena)

नर से नारायण बन जायें, प्रभु ऐसा ज्ञान हमें देना॥
दुखियों के दुःख हम दूर करें, श्रम से कष्टों से नहीं डरें।

मासिक शिवरात्रि कब है?

हिंदू धर्म में चतुर्दशी तिथि का विशेष महत्व है। मासिक शिवरात्रि का व्रत भगवान शिव के प्रति भक्ति और आस्था का प्रतीक है। इस दिन विधिपूर्वक पूजा और व्रत करने वाले श्रद्धालुओं की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

बधैया बाजे आँगने में (Badhaiya Baje Angane Mein)

बधैया बाजे आँगने में,
बधैया बाजे आँगने मे ॥

क्षिप्रा के तट बैठे है, मेरे भोले भंडारी (Shipra Ke Tat Baithe Hai Mere Bhole Bhandari)

क्षिप्रा के तट बैठे है,
मेरे भोले भंडारी,