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सत्संगति से प्यार करना सीखोजी(Sat Sangati Se Pyar Karana Sikho Ji)

सत्संगति से प्यार करना सीखोजी

जीवन का उद्धार करना सीखोजी

सत्संगति से प्यार करना सीखोजी

जीवन का उद्धार करना सीखोजी


सत्संगति से प्यार करना सीखोजी

जीवन का उद्धार करना सीखोजी

सत्संगति से प्यार करना सीखोजी

जीवन का उद्धार करना सीखोजी


तन धन दाम संग ना जावयए

सुत दारा कोई काम ना आवये - x2


ममता का संघार करना सीखोजी

जीवन का उद्धार करना सीखोजी

सत्संगति से प्यार करना सीखोजी

जीवन का उद्धार करना सीखोजी

॥ सत्संगति से प्यार करना...॥


यह जाग मोहनी नीद का सपना

नही कोई गैर नही कोई अपना

सत्य असत्य विचार करना सीखोजी

जीवन का उद्धार करना सीखोजी

॥ सत्संगति से प्यार करना...॥


हरि का भजन नित्य प्रति कीजे

अंतःकरण शुद्ध कर लीजे

आत्म साक्ष करना सीखोजी

जीवन का उद्धार करना सीखोजी

॥ सत्संगति से प्यार करना...॥


भिक्षु कहे सुनो मन मेरो

नर तन भव भरिढ़ कहु बेरो

भव से बेड़ा पार करना सीखोजी

जीवन का उद्धार करना सीखोजी

॥ सत्संगति से प्यार करना...॥


सत्संगति से प्यार करना सीखोजी

जीवन का उद्धार करना सीखोजी

सत्संगति से प्यार करना सीखोजी

जीवन का उद्धार करना सीखोजी

यमुना माता की पूजा कैसे करें?

भारत की पवित्र नदियों में से एक यमुना नदी है और इसे हिंदू धर्म में पवित्र माना जाता है। यमुना नदी उत्तराखंड के यमुनोत्री ग्लेशियर से निकलती है और प्रयागराज में गंगा नदी में मिल जाती है।

चलो सालासर भक्तों, बाबा का बुलावां आ गया (Chalo Salasar Bhakto Baba Ka Bulawa Aa Gaya)

बाबा का बुलावा आ गया,
चलो सालासर भक्तो,

मैं तो अपने मोहन की प्यारी (Me Too Apne Mohan Ki Pyari, Sajan Mero Girdhari)

मैं तो अपने मोहन की प्यारी,
सजन मेरो गिरधारी,

प्राण त्यागने से पहले भीष्म ने क्या कहा था?

सनातन धर्म में भीष्म अष्टमी का दिन अत्यंत शुभ माना गया है। यह महाभारत काल से जुड़ा हुआ है, जिसमें अनेक शिक्षाएं निहित हैं। महाप्रतापी योद्धा भीष्म पितामह को इच्छामृत्यु का वरदान प्राप्त था, जिसके कारण वे अपनी इच्छा से प्राण त्याग सकते थे।