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श्याम ने रंगस्या जी: भजन (Shyam Ne Rangsya Ji)

मेलो फागण को खाटू में चालो,

श्याम ने रंगस्या जी,

मेलो फागण को ॥


रंग भरी पिचकारी लेकर,

खाटू नगरी आवा जी,

छोटो छोटो हाथा से म्हे,

रंग लगावा जी,

मेलो फागण को,

मेलो फागण को खाटू में चालो,

श्याम ने रँगस्या जी,

मेलो फागण को ॥


लाल गुलाबी नीला पीला,

रंग से खाटू रंगस्या जी,

ऐसो करा धमाल के बाबो,

रुक ना पावे जी,

मेलो फागण को,

मेलो फागण को खाटू में चालो,

श्याम ने रँगस्या जी,

मेलो फागण को ॥


भगता के संग होली खेलन,

श्याम धणी अब आयो जी,

देख म्हाने सांवरिये को,

जी ललचावे जी,

मेलो फागण को,

मेलो फागण को खाटू में चालो,

श्याम ने रँगस्या जी,

मेलो फागण को ॥


‘नवीन’ सुनावे फाग श्याम ने,

संग भक्ता रो रेलो जी,

सांवरियो म्हने रंग लगावे,

म्हे भी नाचा जी,

मेलो फागण को,

मेलो फागण को खाटू में चालो,

श्याम ने रँगस्या जी,

मेलो फागण को ॥


मेलो फागण को खाटू में चालो,

श्याम ने रंगस्या जी,

मेलो फागण को ॥

सब धामों से धाम निराला, श्री वृन्दावन धाम(Sab Dhamo Se Dham Nirala Shri Vrindavan Dham)

सब धामों से धाम निराला,
श्री वृन्दावन धाम,

मोहे मिठो मिठो, सरजू जी को पानी लागे(Mohe Mitho Mitho Saryu Ji Ko Pani Lage)

सीता राम जी प्यारी राजधानी लागे,
राजधानी लागे,

तुम उठो सिया सिंगार करो, शिव धनुष राम ने तोड़ा है (Tum Utho Siya Singar Karo Shiv Dhanush Ram Ne Toda Hai)

तुम उठो सिया सिंगार करो,
शिव धनुष राम ने तोड़ा है,

नवरात्रि सरस्वती पूजा 2024: शारदीय नवरात्रि के सांतवे दिन से होती है सरस्वती पूजा की शुरूआत, जानें पूजा विधि और शुभ मुहूर्त

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