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श्याम ने रंगस्या जी: भजन (Shyam Ne Rangsya Ji)

मेलो फागण को खाटू में चालो,

श्याम ने रंगस्या जी,

मेलो फागण को ॥


रंग भरी पिचकारी लेकर,

खाटू नगरी आवा जी,

छोटो छोटो हाथा से म्हे,

रंग लगावा जी,

मेलो फागण को,

मेलो फागण को खाटू में चालो,

श्याम ने रँगस्या जी,

मेलो फागण को ॥


लाल गुलाबी नीला पीला,

रंग से खाटू रंगस्या जी,

ऐसो करा धमाल के बाबो,

रुक ना पावे जी,

मेलो फागण को,

मेलो फागण को खाटू में चालो,

श्याम ने रँगस्या जी,

मेलो फागण को ॥


भगता के संग होली खेलन,

श्याम धणी अब आयो जी,

देख म्हाने सांवरिये को,

जी ललचावे जी,

मेलो फागण को,

मेलो फागण को खाटू में चालो,

श्याम ने रँगस्या जी,

मेलो फागण को ॥


‘नवीन’ सुनावे फाग श्याम ने,

संग भक्ता रो रेलो जी,

सांवरियो म्हने रंग लगावे,

म्हे भी नाचा जी,

मेलो फागण को,

मेलो फागण को खाटू में चालो,

श्याम ने रँगस्या जी,

मेलो फागण को ॥


मेलो फागण को खाटू में चालो,

श्याम ने रंगस्या जी,

मेलो फागण को ॥

ज्योत से ज्योत जगाते चलो (Jyot Se Jyot Jagate Chalo)

ज्योत से ज्योत जगाते चलो,
ज्योत से ज्योत जगाते चलो

विनायक चतुर्थी के उपाय

सनातन धर्म में विनायक चतुर्थी का काफी महत्व है। चतुर्थी का पर्व शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष में मनाया जाता है। इस बार विनायक चतुर्थी 1 फरवरी 2025 को है। यह दिन भगवान गणेश जी को समर्पित है।

श्याम के बिना तुम आधी - भजन (Shyam Ke Bina Tum Aadhi)

श्याम के बिना तुम आधी,
तुम्हारे बिना श्याम आधे,

महाकाल गंगाधर मेरे (Mahakal Gangadhar Mere)

अब कोई ना सहारा बिन तेरे,
महाकाल गंगाधर मेरे ॥