छठ पूजा: आदितमल के पक्की रे सड़कीया - छठ गीत (Aaditamal Ke Pakki Re Sadkiya)

आदितमल के पक्की रे सड़कीया,

कुजडा छानेला दोकान,

कुजडा छानेला दोकान ।


आदितमल के पक्की रे सड़कीया,

कुजडा छानेला दोकान,

कुजडा छानेला दोकान ।


घोडवा चढल अईले कवन देव,

करे लगले नरियर के मोल,

करे लगले फलवा के मोल ।


हाली हाली कर भैया मोलवा

भईले अरघीया के जून,

भईले अरघीया के जून ।


उगी ना आदितमल चमक से,

अरघ लिहीना मन से,

अरघ लिहीना मन से।


मनसा दिहीना पूराए,

मनसा दिहीना पूराए।


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ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की अपरा नामक एकादशी (Jyesth Mas Ke Krishna Paksh Ki Apara Namak Ekaadshi)

इतनी कथा सुनने के बाद महाराज युधिष्ठिर ने पुनः भगवान् कृष्ण से हाथ जोड़कर कहा-हे मधुसूदन । अब आप कृपा कर मुझ ज्येष्ठ मास कृष्ण एकादशी का नाम और मोहात्म्य सुनाइये क्योंकि मेरी उसको सुनने की महान् अच्छा है।

मैया सदा मुझ पर, किरपा की नजर रखना (Maiya Sada Mujh Par Kirpa Ki Nazar Rakhna)

मैया सदा मुझ पर,
किरपा की नजर रखना,

Heri Sakhi Mangal Gavo Ri..(हेरी सखी मंगल गावो री..)

चोख पुरावो, माटी रंगावो,
आज मेरे पिया घर आवेंगे

तेरे दर पे ओ मेरी मईया(Tere Dar Pe O Meri Maiya)

तेरे दर पे ओ मेरी मईया,
तेरे दीवाने आए हैं,

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