छठ पूजा: आदितमल के पक्की रे सड़कीया - छठ गीत (Aaditamal Ke Pakki Re Sadkiya)

आदितमल के पक्की रे सड़कीया,

कुजडा छानेला दोकान,

कुजडा छानेला दोकान ।


आदितमल के पक्की रे सड़कीया,

कुजडा छानेला दोकान,

कुजडा छानेला दोकान ।


घोडवा चढल अईले कवन देव,

करे लगले नरियर के मोल,

करे लगले फलवा के मोल ।


हाली हाली कर भैया मोलवा

भईले अरघीया के जून,

भईले अरघीया के जून ।


उगी ना आदितमल चमक से,

अरघ लिहीना मन से,

अरघ लिहीना मन से।


मनसा दिहीना पूराए,

मनसा दिहीना पूराए।


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तेरी करती रहूँ मैं चाकरी, वरदान यही मैं चाहूँ(Teri Karti Rahu Main Chakri Vardan Yahi Main Chahu)

तेरी करती रहूं मैं चाकरी,
वरदान यही मैं चाहूँ,

सूर्य स्तोत्र

विकर्तनो विवस्वांश्च मार्तण्डो भास्करो रविः।
लोक प्रकाशकः श्री मांल्लोक चक्षुर्मुहेश्वरः ॥ लोकसाक्षी त्रिलोकेशः कर्ता हर्ता तमिस्रहा।

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