आओ बालाजी, आओं बालाजी (Aao Balaji Aao Balaji)

आओ बालाजी,

आओं बालाजी,

दर्शन को प्यासे हैं नैना,

दर्श दिखाओ जी,

आओं बालाजी आओं बालाजी ॥


निशदिन गुणगान करूँ,

तेरा ही ध्यान धरूँ,

गिरूं सौ बार मगर,

नज़रों से ना तेरे गिरूं,

जीवन मेरा सफल बनाओ,

झलक दिखाओ जी,

दर्शन को प्यासे हैं नैना,

दर्श दिखाओ जी,

आओं बालाजी आओं बालाजी ॥


सालासर तेरा है,

मेहंदीपुर तेरा है,

जहाँ हर कण कण में,

तेरा ही बसेरा है,

मेरे मन के मंदिर में भी,

धाम बनाओ जी,

दर्शन को प्यासे हैं नैना,

दर्श दिखाओ जी,

आओं बालाजी आओं बालाजी ॥


ज्ञान के सागर हो,

सियाराम के चाकर हो,

हो किनारा तुम ही प्रभु,

तुम ही भव सागर हो,

‘राशि’ की अर्ज़ी स्वीकारो,

लाज बचाओ जी,

दर्शन को प्यासे हैं नैना,

दर्श दिखाओ जी,

आओं बालाजी आओं बालाजी ॥


आओ बालाजी,

आओं बालाजी,

दर्शन को प्यासे हैं नैना,

दर्श दिखाओ जी,

आओं बालाजी आओं बालाजी ॥

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मनमोहन तुझे रिझाऊं तुझे नित नए लाड़ लड़ाऊं(Manmohan Tujhe Rijhaun Tujhe Neet Naye Laad Ladau)

मनमोहन तुझे रिझाऊं,
तुझे नित नए लाड़ लड़ाऊं,

गौरी के लाल सुनो (Gauri Ke Lal Suno)

गौरी के लाल सुनो,

बाँके बिहारी की बाँसुरी बाँकी (Banke Bihari Ki Bansuri Banki)

बाँके बिहारी की बाँसुरी बाँकी,
पे सुदो करेजा में घाव करे री,

अन्नपूर्णा जयंती पर बन रहा ये दुर्लभ योग

वैदिक पंचांग के अनुसार 15 दिसंबर को अन्नपूर्णा जयंती मनाई जाएगी। यह पर्व हर वर्ष मार्गशीर्ष माह की पूर्णिमा तिथि पर मनाया जाता है। इस दिन अन्न की देवी मां अन्नपूर्णा और भगवान शिव की पूजा होती है।

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