आया हरियाली तीज का त्यौहार, महीना सावन का (Aaya Hariyali Teej Ka Tyohar, Mahina Sawan Ka)

आया हरियाली तीज का त्यौहार,

महीना सावन का,

बाँध घुंघरू नाचे बहार,

महीना सावन का,

आया हरियाली तीज का त्योहार,

महीना सावन का ॥


उमड़ घुमड़ घनघोर घटाएं,

रिमझिम बुँदे रस बरसाए,

गावे मेघा मेघ मल्हार,

महीना सावन का,

आया हरियाली तीज का त्योहार,

महीना सावन का ॥


कोकिल चातक मोर चकोरे,

बुलबुल जुगनू तितलियाँ भोरें,

नाचे झूमे करे गुंजार,

महीना सावन का,

आया हरियाली तीज का त्योहार,

महीना सावन का ॥


वन वन में फुलवारी फुले,

राधा माधव झूला झूले,

फूलों कलियों का श्रृंगार,

महीना सावन का,

आया हरियाली तीज का त्योहार,

महीना सावन का ॥


सावन झूला दर्शन कीजे,

मधुप युगल हरि गायन कीजे,

जय बोलो युगल सरकार,

महीना सावन का,

आया हरियाली तीज का त्योहार,

महीना सावन का ॥


आया हरियाली तीज का त्यौहार,

महीना सावन का,

बाँध घुंघरू नाचे बहार,

महीना सावन का,

आया हरियाली तीज का त्योहार,

महीना सावन का ॥


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महर्षि वाल्मीकि जयंती 2024: की कथा, तिथि

वाल्मीकि जयंती अश्विन मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा के दिन मनाई जाती है। इसे शरद पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है।

हे नाम रे सबसे बड़ा तेरा नाम ओ शेरोंवाली (Hey Naam Re Sabse Bada Tera Naam O Sherawali)

पग पग ठोकर खाऊं, चल ना पाऊं, कैसे आऊं मैं घर तेरे।
शक्ति दे माँ शक्ति दे माँ, शक्ति दे माँ शक्ति दे माँ॥

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