आये है गणेश बप्पा, आज मोरे आंगना (Aaye Hai Ganesh Bappa, Aaj More Angana)

आये है गणेश बप्पा,

आज मोरे आंगना,

आये मोरे आंगना,

जी आये मोरे आंगना,

आये हैं गणेश बप्पा,

आज मोरे आंगना ॥


चरण पखारूँ माथे तिलक लगाऊं रे,

प्रथमे गणेश पूजा आरती सजाऊँ रे,

झोलियाँ फैलाओ मांगो,

दिल से जो है माँगना,

आये हैं गणेश बप्पा,

आज मोरे आंगना ॥


माँ को भी लाए रिद्धि सिद्धि को भी लाए,

शुभ और लाभ संग में शिव जी भी आए,

भादो का महीना शुभ है,

पावन सुहावना,

आये हैं गणेश बप्पा,

आज मोरे आंगना ॥


बल और बुद्धि साहस करते प्रदान है,

बोलो तो गणेश बप्पा बड़े ही महान है,

प्रेम से पुकारो ‘योगी’,

देव आए आंगना,

आये हैं गणेश बप्पा,

आज मोरे आंगना ॥


आये है गणेश बप्पा,

आज मोरे आंगना,

आये मोरे आंगना,

जी आये मोरे आंगना,

आये हैं गणेश बप्पा,

आज मोरे आंगना ॥

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मासिक दुर्गाष्टमी पूजा विधि

मासिक दुर्गा अष्टमी का व्रत हर माह शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को रखा जाता है। सनातन धर्म में मासिक दुर्गाष्टमी का एक विशेष महत्व है, यह दिन मां दुर्गा की पूजा-अर्चना का होता है।

जाना है मुझे माँ के दर पे (Jana Hai Mujhe Maa Ke Dar Pe)

जाना है मुझे माँ के दर पे,
सुनो बाग के माली,

मेरी माँ अंबे दुर्गे भवानी(Meri Maa Ambe Durga Bhawani)

मेरी माँ अंबे दुर्गे भवानी,
किस जगह तेरा जलवा नहीं है,

श्री कुवेर चालीसा (Shree Kuveer Chalisa)

जैसे अटल हिमालय और जैसे अडिग सुमेर ।
ऐसे ही स्वर्ग द्वार पै, अविचल खड़े कुबेर ॥

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