अम्बा माई उतरी हैं बाग में हो मां (Amba Mai Utari Hai Baag Me)

अम्बा माई उतरी हैं बाग में हो मां।

(मैय्या, अम्बा माई उतरी हैं बाग में हो मां।)


मैय्या, अम्बा माई उतरी हैं बाग में हो मां।

(मैय्या, अम्बा माई उतरी हैं बाग में हो मां।)


मैय्या, अम्बा माई उतरी हैं बाग में हो मां।

(मैय्या, अम्बा माई उतरी हैं बाग में हो मां।)


हो, मैय्या, अम्बा माई उतरी हैं बाग में हो मां।


मैय्या, हाथ में कलशा ले खड़ी हो मां।

(मैय्या, हाथ में कलशा ले खड़ी हो मां।)


मैय्या, हाथ में कलशा ले खड़ी हो मां।

(मैय्या, हाथ में कलशा ले खड़ी हो मां।)


अरे, कुम्हरन बनके आ गई वो राजा की मलनिया।

अम्बा माई उतरी हैं बाग में हो मां।


(मैय्या, अम्बा माई उतरी हैं बाग में हो मां।)

हो, मैय्या, अम्बा माई उतरी हैं बाग में हो मां।


मैय्या, हाथ में डबला तेल को हो मां।

(मैय्या, हाथ में डबला तेल को हो मां।)


मैय्या, हाथ में डबला तेल को हो मां।

(मैय्या, हाथ में डबला तेल को हो मां।)


अरे, तेलन बनके आ गई वो राजा की मलनिया।

अम्बा माई उतरी हैं बाग में हो मां।


(मैय्या, अम्बा माई उतरी हैं बाग में हो मां।)

हो, मैय्या, अम्बा माई उतरी हैं बाग में हो मां।


मैय्या, हाथ में त्रिशूल ले खड़ी हो मां।

(मैय्या, हाथ में त्रिशूल ले खड़ी हो मां।)


मैय्या, हाथ में त्रिशूल ले खड़ी हो मां।

(मैय्या, हाथ में त्रिशूल ले खड़ी हो मां।)


अरे, लोहरन बनके आ गई वो राजा की मलनिया।

अम्बा माई उतरी हैं बाग में हो मां।


(मैय्या, अम्बा माई उतरी हैं बाग में हो मां।)

हो, मैय्या, अम्बा माई उतरी हैं बाग में हो मां।


मैय्या, हाथ में साठे ले खड़ी हो मां।

(मैय्या, हाथ में साठे ले खड़ी हो मां।)


मैय्या, हाथ में साठे ले खड़ी हो मां।

(मैय्या, हाथ में साठे ले खड़ी हो मां।)


अरे, अहरन बनके आ गई वो राजा की मलनिया।

अम्बा माई उतरी हैं बाग में हो मां।


(मैय्या, अम्बा माई उतरी हैं बाग में हो मां।)

हो, मैय्या, अम्बा माई उतरी हैं बाग में हो मां।


मैय्या, हाथ में निबुआ ले खड़ी हो मां।

(मैय्या, हाथ में निबुआ ले खड़ी हो मां।)


मैय्या, हाथ में निबुआ ले खड़ी हो मां।

(मैय्या, हाथ में निबुआ ले खड़ी हो मां।)


अरे, काछन बनके आ गई वो राजा की मलनिया।

अम्बा माई उतरी हैं बाग में हो मां।

(मैय्या, अम्बा माई उतरी हैं बाग में हो मां।)


मैय्या, अम्बा माई उतरी हैं बाग में हो मां।

(मैय्या, अम्बा माई उतरी हैं बाग में हो मां।)

अम्बा माई उतरी हैं बाग में हो मां।

(मैय्या, अम्बा माई उतरी हैं बाग में हो मां।)

मैय्या, अम्बा माई उतरी हैं बाग में हो मां।

(मैय्या, अम्बा माई उतरी हैं बाग में हो मां।)

मैय्या, अम्बा माई उतरी हैं बाग में हो मां।

(मैय्या, अम्बा माई उतरी हैं बाग में हो मां।)

मैय्या, अम्बा माई उतरी हैं बाग में हो मां।

(मैय्या, अम्बा माई उतरी हैं बाग में हो मां।)

मैय्या, अम्बा माई उतरी हैं बाग में हो मां।

(मैय्या, अम्बा माई उतरी हैं बाग में हो मां।)

मैय्या, अम्बा माई उतरी हैं बाग में हो मां।

(मैय्या, अम्बा माई उतरी हैं बाग में हो मां।)


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जगमग जगमग जोत जली है, आरती श्री राम जी (Jagmag Jyot Jali Hai Shri Ram Aarti)

जगमग जगमग जोत जली है।
राम आरती होन लगी है॥

मकर संक्रांति पर खिचड़ी क्यों बनती है

मकर संक्रांति का त्योहार आगामी 14 जनवरी को है। देश के कई हिस्सों में इसे खिचड़ी के नाम से भी जाना जाता है। खिचड़ी के चावल से चंद्रमा और शुक्र की शांति संबंधित है।

कार्तिक स्नान करने से होते हैं ये फायदे

हिंदू धर्म में समय की गति के साथ-साथ आध्यात्मिक महत्व भी बदलता है। ऐसे ही हिंदू पंचांग के अनुसार, हर महीने का अपना एक विशेष महत्व और उद्देश्य होता है।

मेरा संकट कट गया जी (Mera Sankat Kat Gaya Ji)

मेरा संकट कट गया जी,
मेहंदीपुर के दरबार में,

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