मूषक सवारी लेके, आना गणराजा (Mushak Sawari Leke Aana Ganraja)

मूषक सवारी लेके,

आना गणराजा,

रिद्धि सिद्धि को ले आना,

आके भोग लगाना,

मेरे आंगन में, आंगन में,

मुषक सवारी लेके,

आना गणराजा ॥


लाल सिंदूर का टिका लगा के,

पान और फूल चड़ाउ,

मोदक लडूवन से भर थाली,

तुम को भोग लगाउ,

देख तुम्हारी महिमा निराली,

गाउं बारम्बार हो,

कारज मेरे सब,

शुभ कर जाना,

रिद्धि सिद्धि को ले आना,

आके भोग लगाना,

मेरे आंगन में, आंगन में,

मुषक सवारी लेके,

आना गणराजा ॥


सुख करता तुम,

दुःख के हरता,

सबके प्यारे गणेश हो,

प्यार दुलार हमेशा रहे प्रभु,

ना हो कोई कलेश हो,

सब की नैया पार किये हो,

मुझको भी दो तार,

चरणों में तेरे प्रभु मेरा ठिकाना,

रिद्धि सिद्धि को ले आना,

आके भोग लगाना,

मेरे आंगन में, आंगन में,

मुषक सवारी लेके,

आना गणराजा ॥


मूषक सवारी लेके,

आना गणराजा,

रिद्धि सिद्धि को ले आना,

आके भोग लगाना,

मेरे आंगन में, आंगन में,

मुषक सवारी लेके,

आना गणराजा ॥


........................................................................................................
महाकाल की नगरी मेरे मन को भा गई (Mahakal Ki Nagri Mere Maan Ko Bha Gayi)

मेरे भोले की सवारी आज आयी,
मेरे शंकर की सवारी आज आयी,

सर को झुकालो, शेरावाली को मानलो(Sar Ko Jhukalo Sherawali Ko Manalo)

सर को झुकालो,
शेरावाली को मानलो,

जो खेल गये प्राणो पे, श्री राम के लिए (Jo Khel Gaye Parano Pe Bhajan)

जो खेल गये प्राणो पे, श्री राम के लिए,
एक बार तो हाथ उठालो,

रवि प्रदोष व्रत विशेष योग

देवाधिदेव महादेव के लिए ही प्रदोष व्रत किया जाता है। धार्मिक मान्यता है कि प्रदोष व्रत के दिन महादेव का पूजन किया जाए तो प्रभु प्रसन्न होकर भक्तों पर अपनी कृपा बरसाते हैं। साथ ही उनके सभी कष्टों का भी निवारण कर देते हैं।

डिसक्लेमर

'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।