अयोध्या करती है आव्हान (Ayodhya Karti Hai Awhan)

अयोध्या करती है आव्हान,

ठाट से कर मंदिर निर्माण ॥


अयोध्या करती है आव्हान,

ठाट से कर मंदिर निर्माण,

शीला की जगह लगा दे प्राण,

बिठा दे वहां राम भगवान ।


सजग हो रघुवर की संतान,

ठाट से कर मंदिर निर्माण ।


हिन्दू है तो हिन्दुओ की आन मत जाने दे,

राम लला पे कोई आंच मत आने दे,

कायर विरोधियो को शोर मचाने दे,

जय श्री राम,

कायर विरोधियो को शोर मचाने दे,

लक्ष्य पे रख तू ध्यान ।

अयोध्या करती है आव्हान,

ठाट से कर मंदिर निर्माण ॥


मंदिर बनाने का पुराना अनुंबध है,

सब तेरे साथ पूरा पूरा प्रबंध है,

कार सेवको के बलिदान की सौगंध है,

जय श्री राम,

कार सेवको के बलिदान की सौगंध है,

बढ़ चल वीर जवान ।

अयोध्या करती हैं आव्हान,

ठाट से कर मंदिर निर्माण ॥


इत शिवसेना उत बजरंग दल है,

दुर्गावाहिनी में शक्ति प्रबल है,

प्रण विश्वहिंदू परिषद का अटल है,

जय श्री राम,

प्रण विश्वहिंदू परिषद का अटल है,

जो हिमगिरि की चट्टान ।

अयोध्या करती है आव्हान

ठाट से कर मंदिर निर्माण ।


जिस दिन राम का भवन बन जाएगा,

उस दिन भारत में राम राज आएगा,

राम भक्तो का ह्रदय मुस्काएगा,

जय श्री राम,

राम भक्तो का ह्रदय मुस्काएगा,

खिलते कमल समान ।

अयोध्या करती है आव्हान

ठाट से कर मंदिर निर्माण ।


सजग हो रघुवर की संतान

ठाट से कर मंदिर निर्माण ।

॥ जय श्री राम ॥

........................................................................................................
राधे राधे जपा करो(Radhe Radhe Japa Karo)

राधे राधे जपा करो,
कृष्ण नाम रस पिया करो,

प्रदोष व्रत पर बन रहा अद्भुत योग

हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत का विशेष महत्व होता है। यह व्रत भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा के लिए समर्पित है। 13 दिसंबर 2024 को मार्गशीर्ष मास का अंतिम प्रदोष व्रत रखा जाएगा।

नरसिंह द्वादशी व्रत विधि

नरसिंह द्वादशी सनातनियों का एक महत्वपूर्ण पर्व है, जो भगवान विष्णु के अवतार नरसिंह को समर्पित है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, अपने प्रिय भक्त प्रहलाद की रक्षा करने के लिए भगवान विष्णु ने रौद्र रूप में अवतार लिया था, जिन्हें लोग आज नरसिंह भगवान के रूप में पूजते हैं।

मां काली की पूजा विधि

मां काली को शक्ति, विनाश और परिवर्तन की प्रतीक हैं। उन्हें दुर्गा का एक रूप माना जाता है और वे दस महाविद्याओं में से एक हैं। मां काली का रूप उग्र और भयानक है, लेकिन वे अपने भक्तों के लिए सुरक्षा प्रदान करती हैं।

डिसक्लेमर

'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।