अयोध्या नाथ से जाकर पवनसुत हाल कह देना (Ayodhya Nath Se Jakar Pawansut Hal Kah Dena)

अयोध्या नाथ से जाकर पवनसुत हाल कह देना,

तुम्हारी लाड़ली सीता हुई बेहाल कह देना ।


जब से लंका में आई नहीं श्रृंगार है कीन्हा,

नहीं बांधे अभी तक खुले है बाल कह देना ।

॥ अयोध्या नाथ से जाकर...॥


यहाँ रावण सदा धमकी मुझे तलवार की देता,

करो तलवार के टुकड़े ये अंजनीलाल कह देना ।

॥ अयोध्या नाथ से जाकर...॥


अंगूठी राम को देकर सुनाना हाल सब दिल का,

भूले राम सीता को ये अंजनीलाल कह देना ।

॥ अयोध्या नाथ से जाकर...॥


अगर एक मॉस के अन्दर, मेरे राम ना आये,

तो सीता राम ना पाये ये अंजनीलाल कह देना ।


अयोध्या नाथ से जाकर पवनसुत हाल कह देना,

तुम्हारी लाड़ली सीता हुई बेहाल कह देना ।

........................................................................................................
नाकोड़ा के भैरव तुमको आना होगा(Nakoda Ke Bhairav Tumko Aana Hoga)

नाकोड़ा के भैरव तुमको आना होगा,
डम डम डमरू बजाना होगा ।

प्रभु श्रीराम की पूजा कैसे करें?

प्रभु श्रीराम हिंदू धर्म के आदर्श पुरुष और भगवान विष्णु के अवतार माने जाते हैं। उन्हें रामचन्द्र, रघुकुलनायक, और मर्यादा पुरुषोत्तम के रूप में भी पूजा जाता है।

राम भक्त लें चला रे, राम की निशानी (Ram Bhakt Le Chala Re Ram Ki Nishani)

राम भक्त ले चला रे,
राम की निशानी ॥

सात्विक नियम पढ़ने के नियम क्या हैं

सात्विक मंत्र साधना में शुद्धि, शांति, और उन्नति का विशेष महत्व है। इसका उद्देश्य भौतिक इच्छाओं से मुक्त होकर ईश्वर की कृपा और आशीर्वाद प्राप्त करना है।

डिसक्लेमर

'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।