बजरंगी बलशाली, तेरा पार ना कोई पाए (Bajrangi Balshali Tera Paar Na Koi Paye)

बजरंगी बलशाली,

तेरा पार ना कोई पाए,

लक्ष्मण को लगी शक्ति,

लक्ष्मण को लगी शक्ति,

संजीवनी ले आए,

बजरँगी बलशाली,

तेरा पार ना कोई पाए ॥


श्री राम की सेना में,

जब शोक लहर दौड़ी,

तब वैद्य शुषेण को तुम,

तब वैद्य शुषेण को तुम,

लंका से बुला लाए,

बजरँगी बलशाली,

तेरा पार ना कोई पाए ॥


सभा बीच विभीषण ने,

जब तुमको ललकारा,

तब फाड़ दिया सीना,

तब फाड़ दिया सीना,

सियाराम दिखलाए,

बजरँगी बलशाली,

तेरा पार ना कोई पाए ॥


सिता की खोज करी,

लंका को जला डाला,

बलबुद्धि का परिचय,

बलबुद्धि का परिचय,

तुम सब को बतलाए,

बजरँगी बलशाली,

तेरा पार ना कोई पाए ॥


बजरंगी बलशाली,

तेरा पार ना कोई पाए,

लक्ष्मण को लगी शक्ति,

लक्ष्मण को लगी शक्ति,

संजीवनी ले आए,

बजरँगी बलशाली,

तेरा पार ना कोई पाए ॥

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हो होली खेलत आज युगल जोड़ी(Holi Khelat Aaj Jugal Jodi)

हो होली खेलत आज युगल जोड़ी
होली खेलत आज युगल जोड़ी, होली खेलत

भोले ओ भोले आया दर पे (Bhole O Bhole Aaya Dar Pe)

भोले ओ भोले आया दर पे,
मेरे सिर पे,

भगवान कार्तिकेय की पूजा किस विधि से करें?

हिंदू धर्म में भगवान कार्तिकेय शिव-शक्ति के ज्येष्ठ पुत्र हैं। उन्हें युद्ध और बुद्धि का देवता कहा जाता है। इतना ही नहीं, भगवान कार्तिकेय को शक्ति और पराक्रम का स्वामी के रूप में भी जाना जाता है।

कार्तिगाई दीपम पौराणिक कथा

कार्तिगाई दीपम का पर्व मुख्य रूप से तमिलनाडु, श्रीलंका समेत विश्व के कई तमिल बहुल देशों में मनाया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन भगवान शिव, माता पार्वती और उनके पुत्र कार्तिकेय की पूजा करने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है।

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