बालाजी ने ध्याले तू: भजन (Balaji Ne Dhyale Tu)

मंगलवार शनिवार,

बालाजी ने ध्याले तू,

थोड़ो सो सिंदूर चढ़ाकर,

मन का चाया पाले तू ॥


संकट मोचन संकट हारी,

सारी दुनिया बोले है,

बड़ा बड़ा राजा महाराजा,

आके दर पर डोले है,

राम राम से रीझे है यो,

राम राम बस गा ले तू,

थोड़ो सो सिंदूर चढ़ाकर,

मन का चाया पाले तू ॥


तुरता फुर्ती काम पटावे,

भगत की पीड़ा काटे है,

शरण पड़या ने बालाजी,

कदे भी नहीं नाटे है,

जद बजरंगबली है सागे,

फिर क्यों चिंता पाले तू,

थोड़ो सो सिंदूर चढ़ाकर,

मन का चाया पाले तू ॥


लाल लंगोटो हाथ में सोटो,

सेठ मोटो मोटो है,

भरया रवे भंडार ऐके,

कदे ना होवे टोटो है,

‘श्याम’ कहे है सांची महिमा,

बालाजी की गा ले तू,

थोड़ो सो सिंदूर चढ़ाकर,

मन का चाया पाले तू ॥


मंगलवार शनिवार,

बालाजी ने ध्याले तू,

थोड़ो सो सिंदूर चढ़ाकर,

मन का चाया पाले तू ॥

........................................................................................................
नरसिंह द्वादशी व्रत विधि

नरसिंह द्वादशी सनातनियों का एक महत्वपूर्ण पर्व है, जो भगवान विष्णु के अवतार नरसिंह को समर्पित है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, अपने प्रिय भक्त प्रहलाद की रक्षा करने के लिए भगवान विष्णु ने रौद्र रूप में अवतार लिया था, जिन्हें लोग आज नरसिंह भगवान के रूप में पूजते हैं।

हे रोम रोम मे बसने वाले राम(Hey Rom Rom Main Basne Wale Ram)

हे रोम रोम मे बसने वाले राम
जगत के स्वामी, हे अन्तर्यामी,

गंगा किनारे चले जाणा (Ganga Ke Kinare Chale Jana)

बम बम बम बम भोला
बम बम बम बम भोला

धन्वंतरि की पूजा कैसे करें?

हिंदू धर्म में तुलसी को बेहद पुजनीय माना जाता है। तुलसी को विष्णुप्रिया और हरिप्रिया भी कहा जाता है। इतना ही नहीं, तुलसी को माता लक्ष्मी का स्वरूप माना गया है।

डिसक्लेमर

'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।

यह भी जाने