बोली गौरी सुनो भोला, बात मेरी ध्यान से सुनलो (Boli Gaura Suno Bhola Baat Meri Dhyan Se Sunlo)

बोली गौरी सुनो भोला,
बात मेरी ध्यान से सुनलो,
मुझे या भांग दोनों में,
कोई भी एक तुम चुन लो,
चली मैं जाउंगी,
वरना तुम्हे छोड़ कर,
बोली गौरी सुनों भोला,
बात मेरी ध्यान से सुनलो ॥

जबसे लाये हो तुम,
ब्याह करके मुझे,
मुझसे प्यारी लगे,
भोला भंगिया तुझे,
ना दया है ना,
दिल में तेरे प्यार है,
मेरे अरमानो के,
सारे दीपक बुझे,
तेरे दिल में,
हमारी नहीं है कदर,
बोली गौरी सुनों भोला,
बात मेरी ध्यान से सुनलो ॥

भांग पीने की आदत,
तू ये छोड़ दे,
वरना तू मुझसे,
रिश्ता अभी तोड़ दे,
बन गई मेरी सौतन,
ये भंगिया तेरी,
भांग की मटकी,
भोला अभी फोड़ दे,
घोला भंगिया ने,
जीवन मेरे ज़हर,
बोली गौरी सुनों भोला,
बात मेरी ध्यान से सुनलो ॥

फैसला अब ये भोला,
तेरे हाथ है,
भांग या रहना,
तुमको मेरे साथ है,
दोनों बच्चे सँभालु,
या भंगिया घिसूँ,
ध्यान बच्चों का भी,
न तुम्हे नाथ है,
‘कुंदन’ बिलकुल,
नहीं है हमारी फिकर,
बोली गौरी सुनों भोला,
बात मेरी ध्यान से सुनलो ॥

बोली गौरी सुनो भोला,
बात मेरी ध्यान से सुनलो,
मुझे या भांग दोनों में,
कोई भी एक तुम चुन लो,
चली मैं जाउंगी,
वरना तुम्हे छोड़ कर,
बोली गौरी सुनों भोला,
बात मेरी ध्यान से सुनलो ॥

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मेरे कंठ बसो महारानी (Mere Kanth Baso Maharani)

मेरे कंठ बसो महारानी,
ना मैं जानू पूजा तेरी,

बसंत पंचमी पर गुलाल क्यों चढ़ाते हैं?

हिंदू पंचांग के अनुसार बसंत पंचमी का पर्व माघ माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है। कहते हैं कि इस दिन विद्या की देवी मां सरस्वती का जन्म हुआ था, इसलिए इस दिन सरस्वती पूजा की जाती है। इस साल बसंत पंचमी 2 फरवरी को मनाई जाएगी।

राम भी मिलेंगे तुझे, श्याम भी मिलेंगे (Ram Bhi Milenge Tujhe Shyam Bhi Milenge)

राम भी मिलेंगे तुझे,
श्याम भी मिलेंगे,

छठी देवी स्तोत्र (Chhathi Devi Stotram)

नमो देव्यै महादेव्यै सिद्ध्यै शान्त्यै नमो नम:।
शुभायै देवसेनायै षष्ठी देव्यै नमो नम: ।।

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