चलो सालासर भक्तों, बाबा का बुलावां आ गया (Chalo Salasar Bhakto Baba Ka Bulawa Aa Gaya)

बाबा का बुलावा आ गया,

चलो सालासर भक्तो,

वहां बैठे अंजनी लाल,

करते इक पल में कमाल,

अब मैं इससे ज़्यादा क्या कहूं,

भक्तों के मन को भा गया,

चलो सालासर भक्तों,

हनुमत का बुलावा आ गया,

चलो सालासर भक्तों,

बाबा का बुलावां आ गया,

चलो सालासर भक्तों ॥


वहां बजते ढोल नगाड़े,

नाचे हैं भक्त प्यारे,

हैं रंग गुलाल उड़ाएं,

मस्ती में झूमे जाएँ,

भक्तों को खूब नचा गया,

चलो सालासर भक्तों,

बाबा का बुलावां आ गया,

चलो सालासर भक्तों ॥


कोई पैदल चलके जाए,

हाथों में ध्वजा उठाये,

बाबा को खूब रिझायें,

जयकारे खूब लगाएं,

बाबा पल में ख़ुशी दिखा गया,

चलो सालासर भक्तों,

बाबा का बुलावां आ गया,

चलो सालासर भक्तों ॥


‘मोना प्रिंस’ भी दर पे जाएँ,

चरणों में शीश झुकाएं,

हैं सवामणि लगवाएं,

है दर पे ज्योत जगाएं,

संकट को दूर भगा गया,

चलो सालासर भक्तों,

बाबा का बुलावां आ गया,

चलो सालासर भक्तों ॥


बाबा का बुलावा आ गया,

चलो सालासर भक्तो,

वहां बैठे अंजनी लाल,

करते इक पल में कमाल,

अब मैं इससे ज़्यादा क्या कहूं,

भक्तों के मन को भा गया,

चलो सालासर भक्तों,

हनुमत का बुलावा आ गया,

चलो सालासर भक्तों,

बाबा का बुलावां आ गया,

चलो सालासर भक्तों ॥


........................................................................................................
नरक चतुर्दशी / छोटी दिवाली की पूजा विधि ।। (Narak Chaturdashi/Choti Diwali ki Puja Vidhi)

>> नरक चतुर्दशी के दिन सुबह सूर्य उदय से पहले स्नान करने और घर के मंदिर में दीपक जलाने का विधान है।

होलाष्टक के यम-नियम क्या हैं

हिंदू पंचांग के अनुसार होलाष्टक होली से पहले आठ दिनों की एक विशेष अवधि है, जो फाल्गुन शुक्ल अष्टमी से होलिका दहन तक चलती है। इस अवधि के दौरान कोई भी शुभ कार्य करना वर्जित होता है।

परदेस जा रहे हो, कैसे जियेंगे हम (Parades Ja Rahe Ho, Kaise Jiyenge Hum)

परदेस जा रहे हो,
कैसे जियेंगे हम,

भगवत गीता चालीसा ( Bhagwat Geeta Chalisa )

प्रथमहिं गुरुको शीश नवाऊँ | हरिचरणों में ध्यान लगाऊँ ||१||

डिसक्लेमर

'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।

यह भी जाने