चोला माटी के हे राम (Chola Maati Ke Hai Ram)

चोला माटी के हे राम,

एकर का भरोसा,

चोला माटी के हे रे,

चोला माटी के हे हो,

हाय चोला माटी के हें राम,

एकर का भरोसा,

चोला माटी के हे रे ॥


द्रोणा जइसे गुरू चले गे,

करन जइसे दानी संगी,

करन जइसे दानी,

बाली जइसे बीर चले गे,

रावन कस अभिमानी,

चोला माटी के रे,

एकर का भरोसा,

चोला माटी के हे रे ॥


कोनो रिहिस ना कोनो रहय भई,

आही सब के पारी,

एक दिन आही सब के पारी,

काल कोनो ल छोंड़े नहीं संगी,

राजा रंक भिखारी,

चोला माटी के रे,

एकर का भरोसा,

चोला माटी के हे रे ॥


भव से पार लगे बर हे ते,

हरि के नाम सुमर ले संगी,

हरि के नाम सुमर ले,

ए दुनिया मा आके रे पगला,

जीवन मुक्ती कर ले,

चोला माटी के रे,

एकर का भरोसा,

चोला माटी के हे रे ॥


चोला माटी के हे राम,

एकर का भरोसा,

चोला माटी के हे रे,

चोला माटी के हे हो,

हाय चोला माटी के हें राम,

एकर का भरोसा,

चोला माटी के हे रे ॥

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आओ आओ गजानन आओ (Aao Aao Gajanan Aao )

आओ आओ गजानन आओ,
आके भक्तों का मान बढ़ाओ ॥

मकर संक्रांति पर तिल के लड्डू क्यों खाते हैं

मकर संक्रांति, हिंदू धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक माना जाता है। इस दिन भगवान सूर्य धनु से मकर राशि में प्रवेश करते हैं। यह दिन भगवान सूर्य को समर्पित होता है।

आजा माँ आजा माँ एक बार, मेरे घर आजा माँ (Aaja Maa Aaja Maa Ek Baar Mere Ghar Aaja Maa )

आजा माँ आजा माँ एक बार,
मेरे घर आजा माँ,

जो भजे हरि को सदा (Jo Bhaje Hari Ko Sada)

जो भजे हरि को सदा,
जो भजे हरि को सदा,

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