डाल रही वरमाला अब तो जानकी (Daal Rahi Varmala Ab To Janaki)

डाल रही वरमाला अब तो जानकी,

धनुष तोड़ा शिव जी का,

श्री राम जी ने,

जनक नंदनी मन में हर्षा गई है,

विधाता मेरी पूर्ण की कामनाएं,

ख़ुशी की सुहानी घड़ी आ गई है ॥


डाल रही वरमाला अब तो जानकी,

जय बोलो जय बोलो सीताराम की,

फूलों की बारिश यहाँ पे हो रही,

कृपा हो गई आज श्री भगवान की,

डाल रहीं वरमाला अब तो जानकी,

जय बोलो जय बोलो सीताराम की ॥


अब जनक की पूर्ण अभिलाषा हुई सारी,

मिट गया संताप जबसे दिल में था भारी,

डाल वरमाला सिया ने राम पाए है,

आज सखियों ने भी मंगल गीत गाए है,

महीमा अपरंपार इनके नाम की,

जय बोलो जय बोलो सीताराम की,

डाल रहीं वरमाला अब तो जानकी,

जय बोलो जय बोलो सीताराम की ॥


वेद मंत्रो की ध्वनि अब गूँजने लगी,

इस खुशी में देवीयां सब झुमने लगी,

आज शुभ दिन हम सभी के जीवन में आया,

सियाराम के नाम से हर दिल है मुस्काया,

‘हेमा’ रामायण है स्वाभिमान की,

जय बोलो जय बोलो सीताराम की,

डाल रहीं वरमाला अब तो जानकी,

जय बोलो जय बोलो सीताराम की ॥


डाल रहीं वरमाला अब तो जानकी,

जय बोलो जय बोलो सीताराम की,

फूलों की बारिश यहाँ पे हो रही,

कृपा हो गई आज श्री भगवान की,

डाल रहीं वरमाला अब तो जानकी,

जय बोलो जय बोलो सीताराम की ॥

........................................................................................................
कार्तिगाई दीपम उत्सव के शुभ मुहूर्त

दक्षिण भारत में मनाया जाने वाला कार्तिगाई दीपम उत्सव एक महत्वपूर्ण धार्मिक त्योहार है, जो भगवान कार्तिकेय को समर्पित है।

शंकर तेरी जटा से बहती है गंग धारा (Shankar Teri Jata Se Behti Hai Gang Dhara)

शंकर तेरी जटा से,
बहती है गंग धारा,

शिव ही बसे है कण कण में (Shiv Hi Base Hai Kan Kan Mein)

शिव ही बसे है कण कण में,
केदार हो या काशी,

कालाष्टमी की मंत्र जाप

कालाष्टमी पर्व भगवान शिव के रौद्र रूप काल भैरव की शक्ति और महिमा का प्रतीक है। जब भगवान शिव के क्रोध से काल भैरव का जन्म होता है। काल भैरव समय के भी स्वामी हैं।

डिसक्लेमर

'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।