मेरा छोटा सा संसार हरी आ जाओ एक बार (Mera Chota Sa Sansar Hari Aa Jao Ek Baar)

मेरा छोटा सा संसार,

हरी आ जाओ एक बार,

हरी आ जाओ, हरी आ जाओ,

मेरी नैया पार लगा जाओ,

मेरी बिगड़ी आ के बना जाओ,

मेरा छोंटा सा संसार,

हरी आ जाओ एक बार ॥


लाखो को दरश दिखाया है,

प्रभु मुझको क्यों तरसाया है,

ये कैसी तुम्हारी माया है,

नित बहती है असुवन धार,

नित बहती है असुवन धार,

हरी आ जाओ एक बार,

मेरा छोंटा सा संसार,

हरी आ जाओ एक बार ॥


जब याद तुम्हारी आती है,

तन मन की सुध बिसराती है,

रह रह के मुझे तड़पाती है,

तन मन धन दूँ सब वार,

तन मन धन दूँ सब वार,

हरी आ जाओ एक बार,

मेरा छोंटा सा संसार,

हरी आ जाओ एक बार ॥


मुझको बिछड़े युग बीत गए,

क्यों रूठ प्रभु मेरे मीत गए,

मैं हार गया तुम जीत गए,

अब दर्शन दो साकार,

अब दर्शन दो साकार,

हरी आ जाओ एक बार,

मेरा छोंटा सा संसार,

हरी आ जाओ एक बार ॥


मेरा छोटा सा संसार,

हरी आ जाओ एक बार,

हरी आ जाओ, हरी आ जाओ,

मेरी नैया पार लगा जाओ,

मेरी बिगड़ी आ के बना जाओ,

मेरा छोंटा सा संसार,

हरी आ जाओ एक बार ॥


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कलयुग में फिर से आजा, डमरू बजाने वाले (Kalyug Mein Fir Se Aaja Damru Bajane Wale)

कलयुग में फिर से आजा,
डमरू बजाने वाले,

यशोदा जयंती व्रत यम-नियम

सनातन हिंदू धर्म में, यशोदा जयंती का दिन विशेष महत्व रखता है। इस दिन व्रत के साथ माता यशोदा और भगवान श्री कृष्ण के पूजन का भी विधान है। इस पर्व पर शुद्ध भाव से पूजा-पाठ, व्रत और सेवा करने से माता यशोदा और भगवान कृष्ण की कृपा प्राप्त होती है।

चंपा षष्ठी मानने के पीछे की वजह

भारत में त्योहारों का विशेष महत्व है। यहां हर दिन किसी न किसी क्षेत्र में कोई पर्व या त्योहार मनाया जाता है। इनमें से कुछ त्योहार न केवल देश में बल्कि विदेशों तक भी प्रचलित होते हैं।

इतना तो करना स्वामी, जब प्राण तन से निकले( Itna to Karna Swami Jab Pran Tan Se Nikle)

इतना तो करना स्वामी,
जब प्राण तन से निकले

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