दादी मैं थारी बेटी हूँ (Dadi Mein Thari Beti Hu)

दादी मैं थारी बेटी हूँ,

रखियो मेरी लाज,

मैया मैं थारी लाडो हूँ,

रखियो मेरी लाज,

धन दौलत दीजो मत दीजो,

धन दौलत दीजो मत दीजो,

दीजो अमर सुहाग,

दादी मै थारी बेटी हूँ,

रखियो मेरी लाज ॥


मेरो धन दौलत मेरो साजन,

मेरो स्वर्ग पति को आँगन,

बण्यो रवे बस साजन मेरो,

बण्यो रवे बस साजन मेरो,

दीजो आशीर्वाद,

दादी मै थारी बेटी हूँ,

रखियो मेरी लाज ॥


मेहंदी की लाली ने बोल दे,

चूड़ी नथ बाली ने बोल दे,

मेरी जबतक सांस चले ये,

मेरी जबतक सांस चले ये,

मेरो निभावे साथ,

दादी मै थारी बेटी हूँ,

रखियो मेरी लाज ॥


दादी थारी भक्ति दीजो,

मन में इतनी शक्ति दीजो,

हँसते हँसते सुख दुःख झेलूं,

हँसते हँसते सुख दुःख झेलूं,

मेरे पति के साथ,

दादी मै थारी बेटी हूँ,

रखियो मेरी लाज ॥


थारे पर ही जोर है मेरो,

थारे सिवा कुंण ओर है मेरो,

बेटी तो माँ ने ही बोले,

बेटी तो माँ ने ही बोले,

‘सोनू’ दिल की बात,

दादी मै थारी बेटी हूँ,

रखियो मेरी लाज ॥


दादी मैं थारी बेटी हूँ,

रखियो मेरी लाज,

मैया मैं थारी लाडो हूँ,

रखियो मेरी लाज,

धन दौलत दीजो मत दीजो,

धन दौलत दीजो मत दीजो,

दीजो अमर सुहाग,

दादी मै थारी बेटी हूँ,

रखियो मेरी लाज ॥

........................................................................................................
अथार्गलास्तोत्रम् (Athargala Stotram)

पवित्र ग्रंथ दुर्गा सप्तशती में देवी अर्गला का पाठ देवी कवचम् के बाद और कीलकम् से पहले किया जाता है। अर्गला को शक्ति के रूप में व्यक्त किया जाता है और यह चण्डी पाठ का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।

Shri Batuk Bhairav Chalisa (श्री बटुक भैरव चालीसा)

श्री गणपति, गुरु गौरि पद, प्रेम सहित धरि माथ ।
चालीसा वन्दन करों, श्री शिव भैरवनाथ ॥

Main Balak Tu Mata Sherawaliye (मैं बालक तू माता शेरां वालिए)

मैं बालक तू माता शेरां वालिए,
है अटूट यह नाता शेरां वालिए ।
शेरां वालिए माँ, पहाड़ा वालिए माँ,
मेहरा वालिये माँ, ज्योतां वालिये माँ ॥
॥ मैं बालक तू माता शेरां वालिए...॥

नैनन में श्याम समाए गयो(Nainan Me Shyam Samay Gayo)

नैनन में श्याम समाए गयो,
मोहे प्रेम का रोग लगाए गयो ।

डिसक्लेमर

'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।

यह भी जाने