थारे बिन मैया कुण म्हारो है दादी(Thare Bin Maiya Kun Mharo Hai Dadi)

थारे बिन मैया कुण म्हारो है,

थारे बिण मैया कुण म्हारो है,

दादी थारो ही अब सहारो है,

दादी थारो ही अब सहारो है ॥


आज आओ मैया,

म्हा पे उपकार करो,

कष्ट हर लो अब सारा,

म्हारो उद्धार करो,

मैया सुनो आज अर्जी म्हारी,

करूँ आज अरदास दिल से थारी,

कोई ना म्हारो आज है,

काई से नाही आस है,

इक थारो ही है आसरो,

थारो है विश्वास है,

थारो है विश्वास है,

मनड़ो थाने ही अब पुकारयो है,

दादी थारो ही अब सहारो है,

दादी थारो ही अब सहारो है ॥


थारे दर पे म्हे आया,

मन में या आशा ल्याया,

आज तक थारी कृपा से ही,

काम सब होता आया,

माँ थारी शरण ही,

म्हे आवा हरदम,

लुटा दे तू खुशियां,

मिटा दे हर गम,

या जिंदगी की डोर मैया,

थारे ही हाथ है,

मिलेगी सारी खुशियां,

मिले जो थारो साथ है,

मिले जो थारो साथ है,

दास ‘अंकुश’ माँ थारो प्यारो है,

दादी थारो ही अब सहारो है,

दादी थारो ही अब सहारो है ॥


थारे बिन मैया कुण म्हारो है,

थारे बिण मैया कुण म्हारो है,

दादी थारो ही अब सहारो है,

दादी थारो ही अब सहारो है ॥

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बनेंगे सारे बिगड़े काम, प्रभु श्री राम को पूजो (Banenge Sare Bigde Kaam Prabhu Shri Ram Ko Pujo)

बनेंगे सारे बिगड़े काम,
प्रभु श्री राम को पूजो,

शनि प्रदोष व्रत मुहूर्त और तारीख

सनातन हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत का विशेष महत्व है। बता दें कि प्रदोष व्रत महीने में दो बार आता है। पर प्रदोष व्रत शनिवार के दिन पड़ने पर उसे शनि त्रयोदशी के नाम से जाना जाता है।

मुझे तेरा सहारा सदा चाहिए (Mujhe Tera Sahara Sada Chahiye)

आसरा इस जहाँ का मिले न मिले,
मुझे तेरा सहारा सदा चाहिए ॥

माँ रेवा: थारो पानी निर्मल (Maa Rewa: Tharo Pani Nirmal)

माँ रेवा थारो पानी निर्मल,
खलखल बहतो जायो रे..

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