नैनन में श्याम समाए गयो(Nainan Me Shyam Samay Gayo)

नैनन में श्याम समाए गयो,

मोहे प्रेम का रोग लगाए गयो ।

नैनन में श्याम समाए गयो,

मोहे प्रेम का रोग लगाए गयो ।


लुट जाउंगी श्याम तेरी लटकन पे,

बिक जाउंगी लाल तेरी मटकन पे ।

मोरे कैल गरारे भाए गयो,

मोहे प्रेम का रोग लगाए गयो ॥


नैनन में श्याम समाए गयो,

मोहे प्रेम का रोग लगाए गयो ।


मर जाउंगी काहन तेरी अधरन पे,

मिल जाउंगी तेरे नैनन पे ।

वो तो तिर्शी नज़र चलाए गयो,

मोहे प्रेम का रोग लगाए गयो ॥


नैनन में श्याम समाए गयो,

मोहे प्रेम का रोग लगाए गयो ।


बलिहारी कुंवर तेरी अलकन पे,

तेरी बेसर की मोती छलकन पे ।

सपने में कहा पत्राए गायो,

मोहे प्रेम का रोग लगाए गयो ॥


नैनन में श्याम समाए गयो,

मोहे प्रेम का रोग लगाए गयो ।


पागल को प्यारो वो नंदलाला,

दीवाना भाए है जाके सब ग्वाला ।

वो तो मधुर मधुर मुस्काये गायो,

मोहे प्रेम का रोग लगाए गयो ॥


नैनन में श्याम समाए गयो,

मोहे प्रेम का रोग लगाए गयो ।


........................................................................................................
माँ मैं खड़ा द्वारे पे पल पल(Maa Main Khada Dwar Tere)

तेरे दरबार का पाने नज़ारा,
मैं भी आया हू,

श्री महाकाल ऐसा वरदान दो (Shri Mahakal Aisa Vardan Do)

श्री महाकाल ऐसा वरदान दो,
गुणगान तुम्हारा सुनाता रहूं,

अक्टूबर में इस दिन पड़ेगी विनायक चतुर्थी, जानें इस दिन का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व

हिंदू धर्मग्रंथों के अनुसार, चतुर्थी तिथि भगवान गणेश की तिथि है, जो ज्ञान, बुद्धि और समृद्धि के देवता हैं। इस दिन भगवान गणेश की पूजा करने से ज्ञान, बुद्धि और समृद्धि प्राप्त होती है। विनायक चतुर्थी और संकष्टी चतुर्थी दोनों ही भगवान गणेश की कृपा प्राप्त करने के अवसर हैं।

अन्वाधान व इष्टि क्या है

सनातन हिंदू धर्म में, अन्वाधान व इष्टि दो प्रमुख अनुष्ठान हैं। जिसमें भक्त अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए किया करते हैं। इसमें प्रार्थना व पूजा कुछ समय के लिए यानी छोटी अवधि के लिए ही की जाती है।

डिसक्लेमर

'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।

यह भी जाने