नैनन में श्याम समाए गयो(Nainan Me Shyam Samay Gayo)

नैनन में श्याम समाए गयो,

मोहे प्रेम का रोग लगाए गयो ।

नैनन में श्याम समाए गयो,

मोहे प्रेम का रोग लगाए गयो ।


लुट जाउंगी श्याम तेरी लटकन पे,

बिक जाउंगी लाल तेरी मटकन पे ।

मोरे कैल गरारे भाए गयो,

मोहे प्रेम का रोग लगाए गयो ॥


नैनन में श्याम समाए गयो,

मोहे प्रेम का रोग लगाए गयो ।


मर जाउंगी काहन तेरी अधरन पे,

मिल जाउंगी तेरे नैनन पे ।

वो तो तिर्शी नज़र चलाए गयो,

मोहे प्रेम का रोग लगाए गयो ॥


नैनन में श्याम समाए गयो,

मोहे प्रेम का रोग लगाए गयो ।


बलिहारी कुंवर तेरी अलकन पे,

तेरी बेसर की मोती छलकन पे ।

सपने में कहा पत्राए गायो,

मोहे प्रेम का रोग लगाए गयो ॥


नैनन में श्याम समाए गयो,

मोहे प्रेम का रोग लगाए गयो ।


पागल को प्यारो वो नंदलाला,

दीवाना भाए है जाके सब ग्वाला ।

वो तो मधुर मधुर मुस्काये गायो,

मोहे प्रेम का रोग लगाए गयो ॥


नैनन में श्याम समाए गयो,

मोहे प्रेम का रोग लगाए गयो ।


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मेरे तन में भी राम, मेरे मन में भी राम(Mere Tan Mein Bhi Ram Mere Maan Mein Bhi Ram)

मेरे तन में भी राम,
मेरे मन में भी राम,

होलिका दहन का शुभ मुहूर्त

हिंदू कैलेंडर के अनुसार होली का त्योहार फाल्गुन माह की पूर्णिमा को मनाया जाता है। इस दिन से पहले होलिका दहन किया जाता है, जो बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है।

जो राम का नहीं, किसी काम का नहीं (Jo Ram Ka Nahi Kisi Kaam Ki Nahi)

वो नमस्ते दुआ और,
सलाम का नहीं,

हर देश में तू, हर भेष में तू - प्रार्थना (Har Desh Me Tu Har Bhesh Me Tu)

हर देश में तू, हर भेष में तू,
तेरे नाम अनेक तू एक ही है,

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