देखो राजा बने महाराज (Dekho Raja Bane Maharaj)

देखो राजा बने महाराज,

आज राम राजा बने,

देखों राजा बने महाराज,

आज राम राजा बने ॥


मंगल साज सजे घर घर में,

पूजा पात्र लिए सब कर में,

चले आरती करन के काज,

आज राम राजा बने,

देखों राजा बने महाराज,

आज राम राजा बने ॥


दासी दास आनंद मनावे,

कौशल्या आदि मातु सब गावे,

वेद वाणी पढ़े मुनी राज,

आज राम राजा बने,

देखों राजा बने महाराज,

आज राम राजा बने ॥


वस्त्र आभुषण तन पर साजे,

सिंघासन पर राम विराजे,

जड़े हीरे मोती सर ताज,

आज राम राजा बने,

देखों राजा बने महाराज,

आज राम राजा बने ॥


संत महंत करतार बजावे,

सियाराम के कुशल मनावें,

संग भिक्षु यती योगी राज,

आज राम राजा बने,

देखों राजा बने महाराज,

आज राम राजा बने ॥


देखो राजा बने महाराज,

आज राम राजा बने,

देखों राजा बने महाराज,

आज राम राजा बने ॥

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ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की निर्जला एकादशी (Jyeshth Maas Ki Shukla Paksh Ki Nirjala Ekaadashi)

एक समय महर्षि वेद व्यास जी महाराज युधिष्ठिर के यहाँ संयोग से पहुँच गये। महाराजा युधिष्ठिर ने उनका समुचित आदर किया, अर्घ्य और पाद्य देकर सुन्दर आसन पर बिठाया, षोडशोपचार पूर्वक उनकी पूजा की।

सियारानी का अचल सुहाग रहे - भजन (Bhajan: Siyarani Ka Achal Suhag Rahe)

मेरे मिथिला देश में, आओ दूल्हा भेष ।
ताते यही उपासना, चाहिए हमें हमेशा ॥

मेरी मैया चली, असुवन धारा बही(Meri Maiya Chali Ashuvan Dhara Bahi)

मेरी मैया चली,
असुवन धारा बही,

सकट चौथ पूजा विधि

हिंदू धर्म में सकट चौथ का व्रत अत्यधिक महत्वपूर्ण माना जाता है। यह व्रत भगवान गणेश और सकट माता की पूजा-अर्चना के लिए प्रसिद्ध है। इस दिन महिलाएं अपनी संतान की लंबी आयु, सुख-समृद्धि और उनके जीवन में आने वाले संकटों को दूर करने के लिए निर्जला व्रत रखती हैं।

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