डिम डिम डमरू बजावेला हामार जोगिया(Dim Dim Damroo Bajavela Hamar Jogiya)

डिम डिम डमरू बजावेला हामार जोगिया

हे हमार जोगिया हो हमार जोगिया

डिम डिम डमरू बजावेला हामार जोगिया


शीश गंगा जी के धार सोहे चन्द्रमा लिल्लाहर

अंग भभूति रमावेला हामार जोगिया

डिम डिम डमरू बजावेला हामार जोगिया


संग भुत बरियात और जोगनी जमात

भूढ़े बस हां चढ़ आवेला हामार जोगिया

अंग भभूति रमावेला हामार जोगिया

डिम डिम डमरू बजावेला हामार जोगिया


पहिरे नागरी पुछाला हाथ कान पेहरि निहाला

हर दम राम नाम गावेल हामार जोगिया

डिम डिम डमरू बजावेला हामार जोगिया


सब लोक के जो देवा करे सारा जग सेवा

के शिव शंकर खावे हामार जोगिया

डिम डिम डमरू बजावेला हामार जोगिया

डिम डिम डमरू बजावेला हामार जोगिया

हे हमार जोगिया हो हमार जोगिया

डिम डिम डमरू बजावेला हामार जोगिया


डिम डिम डमरू बजावेला हामार जोगिया

हे हमार जोगिया हो हमार जोगिया

डिम डिम डमरू बजावेला हामार जोगिया

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आना हो श्री गणेशा, मेरे भी घर में आना (Aana Ho Shri Ganesha Mere Bhi Ghar Mein Aana)

आना हो श्री गणेशा,
मेरे भी घर में आना,

छम छम नाचे देखो वीर हनुमाना (Cham Cham Nache Dekho Veer Hanumana)

छम छम नाचे देखो वीर हनुमाना
छम छम नाचे देखो वीर हनुमाना

दुर्गाष्टमी पर मां दुर्गा को क्या भोग लगाएं

हिंदू धर्म में मासिक दुर्गाष्टमी का व्रत अत्यंत शुभ माना गया है। यह पर्व हर माह शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन मां दुर्गा की पूजा और व्रत के साथ उन्हें विशेष भोग अर्पित करने का विधान है।

जय जय देवा जय गणपति देवा (Jai Jai Deva Jai Ganpati Deva)

जय जय देवा जय गणपति देवा,
माता है गौरी पिता महादेवा,

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