गुरु शिव को बना लीजिए (Guru Shiv Ko Bana Lijiye)

गुरु शिव को बना लीजिए,

भक्ति से घर सजा लीजिये ॥


कर नहीं है तो लाचार है,

है तो ताली बजा दीजिये ।

गुरु शिव को बना लीजिये,

भक्ति से घर सजा लीजिये ॥


गुरु सेवा से ही ज्ञान का,

ज्योति दिल में जला लीजिये ।

गुरु शिव को बना लीजिये,

भक्ति से घर सजा लीजिये ॥


शिष्य बनने से जो कुछ मिला,

दुसरो को बता दीजिए ।

गुरु शिव को बना लीजिये,

भक्ति से घर सजा लीजिये ॥


गुरु शिव से न अच्छे कोई,

अगर हो तो बता दीजिए ।

गुरु शिव को बना लीजिये,

भक्ति से घर सजा लीजिये ॥


कर नहीं है तो लाचार है,

है तो ताली बजा दीजिये ।

गुरु शिव को बना लीजिये,

भक्ति से घर सजा लीजिये ॥


गुरु शिव को बना लीजिए,

भक्ति से घर सजा लीजिये ॥

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क्या है वैदिक मंत्र?

दिक मंत्र सदियों से सनातन संस्कृति और हिंदू धर्म का अभिन्न हिस्सा रहा हैं। ये मंत्र प्राचीन वैदिक साहित्य से उत्पन्न हुए हैं और इनका उल्लेख वेदों, उपनिषदों और अन्य धर्मग्रंथों में भी मिलता है।

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