गुरु शिव को बना लीजिए (Guru Shiv Ko Bana Lijiye)

गुरु शिव को बना लीजिए,

भक्ति से घर सजा लीजिये ॥


कर नहीं है तो लाचार है,

है तो ताली बजा दीजिये ।

गुरु शिव को बना लीजिये,

भक्ति से घर सजा लीजिये ॥


गुरु सेवा से ही ज्ञान का,

ज्योति दिल में जला लीजिये ।

गुरु शिव को बना लीजिये,

भक्ति से घर सजा लीजिये ॥


शिष्य बनने से जो कुछ मिला,

दुसरो को बता दीजिए ।

गुरु शिव को बना लीजिये,

भक्ति से घर सजा लीजिये ॥


गुरु शिव से न अच्छे कोई,

अगर हो तो बता दीजिए ।

गुरु शिव को बना लीजिये,

भक्ति से घर सजा लीजिये ॥


कर नहीं है तो लाचार है,

है तो ताली बजा दीजिये ।

गुरु शिव को बना लीजिये,

भक्ति से घर सजा लीजिये ॥


गुरु शिव को बना लीजिए,

भक्ति से घर सजा लीजिये ॥

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अगर नाथ देखोगे अवगुण हमारे (Agar Nath Dekhoge Avgun Humare)

अगर नाथ देखोगे अवगुण हमारे,
तो हम कैसे भव से लगेंगे किनारे ॥

एक तमन्ना माँ है मेरी(Ek Tamanna Ma Hai Meri)

एक तमन्ना माँ है मेरी,
दिल में बसा लूँ सूरत तेरी,

भारत में होली के अलग-अलग रंग

बरसाना और नंदगांव की होली विश्व प्रसिद्ध है और इसे देखने के लिए हर साल हजारों लोग यहां पहुंचते हैं। यह होली श्रीकृष्ण और राधा की प्रेम कथा से जुड़ी हुई है। बरसाना में महिलाएं पुरुषों पर प्रेमपूर्वक लाठियां बरसाती हैं और पुरुष ढाल लेकर खुद को बचाने का प्रयास करते हैं।

2025 की पहली बैकुंठ एकादशी कब है

सनातन धर्म में बैकुंठ एकादशी का विषेश महत्व है। इस पवित्र दिन पर भगवान श्री हरि विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा की जाती है। साथ मान्यता है कि इस दिन व्रत करने से व्यक्ति को मृत्यु उपरांत बैकुंठ धाम में स्थान मिलता है।

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