हार गया हूँ बाबा, अब तो आके थाम रे (Haar Gya Hu Baba Ab To Aake Tham Re)

हार गया हूँ बाबा,

अब तो आके थाम रे,

सुन सांवरे हारे का सहारा,

तेरा नाम रे ॥


दर्दी के तूने बाबा,

दर्द मिटाए,

दुखड़े गिनाऊँ कितने,

जाए ना गिनाएं,

मैंने सुना है दर पे,

मैंने सुना है दर पे,

बनते बिगड़े काम रे,

सुन सांवरे हारे का सहारा,

तेरा नाम रे ॥


काहे करे तू ऐसे,

आँख मिचोली,

हालत पे दुनिया वाले,

करते है ठिठोली,

ले लो शरण में अपनी,

ले लो शरण में अपनी,

आया तेरे धाम रे,

सुन सांवरे हारे का सहारा,

तेरा नाम रे ॥


रोता जो आया उसको,

पल में हंसाया,

‘हर्ष’ दीवाने को क्यों,

तूने बिसराया,

तेरी दया से होगा,

तेरी दया से होगा,

अब तो आराम रे,

सुन सांवरे हारे का सहारा,

तेरा नाम रे ॥


हार गया हूँ बाबा,

अब तो आके थाम रे,

सुन सांवरे हारे का सहारा,

तेरा नाम रे ॥

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नगरी हो अयोध्या सी, रघुकुल सा घराना हो (Nagri Ho Ayodhya Si, Raghukul Sa Gharana Ho)

नगरी हो अयोध्या सी,
रघुकुल सा घराना हो ।

हनुमान तुम्हारे सीने में, दुनिया का मालिक रहता है (Hanuman Tumhare Sine Mein Duniya Ka Malik Rehta Hai)

हनुमान तुम्हारे सीने में,
दुनिया का मालिक रहता है ॥

करवा चौथ व्रत-कथा की कहानी (Karva Chauth Vrat-katha Ki Kahani)

अतीत प्राचीन काल की बात है। एक बार पाण्डु पुत्र अर्जुन तब करने के लिए नीलगिरि पर्वत पर चले गए थे।

कालाष्टमी की मंत्र जाप

कालाष्टमी पर्व भगवान शिव के रौद्र रूप काल भैरव की शक्ति और महिमा का प्रतीक है। जब भगवान शिव के क्रोध से काल भैरव का जन्म होता है। काल भैरव समय के भी स्वामी हैं।

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