हे गजानन पधारो (Hey Gajanan Padharo)

सिद्धिविनायक मंगलमूर्ति,

विघ्नहरण सुखपाल जी,

हे गजानन पधारो गौरी लाल जी,

हे गजानन पधारों गौरी लाल जी ॥


महिमा है अतिभारी चार भुजा धारी,

एकदंत दयावंत न्यारी मूषक सवारी,

गल मोतियन की माला साजे,

चन्दन चौकी देव विराजे,

केसर तिलक सोहे भाल जी,

हे गजानन पधारों गौरी लाल जी ॥


शम्भू दियो वरदान देवो में देवा महान,

पहले तुम्हरो ही ध्यान तुम्हरो ही गुणगान,

पान पुष्प से तुमको रुझावे,

मनवांछित फल सो जन पावे,

ले लड्डूवन की थाल जी,

हे गजानन पधारों गौरी लाल जी ॥


सभी विघ्न हरो जी दूर संकट करो जी,

झोली सुख से भरो जी हाथ सिर पे धरो जी,

दास ‘सरल’ को आसरा तेरा,

कंठ में हो सरस्वती बसेरा,

दीजो स्वर और ताल जी,

हे गजानन पधारों गौरी लाल जी ॥


सिद्धिविनायक मंगलमूर्ति,

विघ्नहरण सुखपाल जी,

हे गजानन पधारो गौरी लाल जी,

हे गजानन पधारों गौरी लाल जी ॥

........................................................................................................
श्री विष्णु दशावतार स्तोत्रम् (Shri Vishnu Dashavatar Stotram)

प्रलयपयोधिजले धृतवानसि वेदम्।

पापमोचनी एकादशी पर तुलसी पूजन कैसे करें

पापमोचनी एकादशी भगवान विष्णु की पूजा को समर्पित है जो चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी को मनाई जाती है। यह उपवास सभी पापों से छुटकारा पाने और मोक्ष प्राप्त करने के लिये रखा जाता है।

घर में आओ लक्ष्मी माता (Mere Ghar Aao Laxmi Maa)

घर में आओ लक्ष्मी माता,
आओ पधारो श्री गणराजा ।

जय माता दी बोल भगता, चिट्ठी माँ की आएगी (Jai Mata Di Bol Bhagta Chitthi Maa Ki Aayegi)

जय माता दी बोल भगता,
चिट्ठी माँ की आएगी,

डिसक्लेमर

'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।

यह भी जाने