हुई गलियों में जय जयकार (Hui Galiyon Mein Jai Jaikaar)

हुई गलियों में जय जयकार,

आया गणपति तेरा त्यौहार ॥


नाची मन में उमंग,

भरा खुशियों ने रंग,

नाची मन में उमंग,

भरा खुशियों ने रंग,

गूंजी गणपति तेरी जयकार,

आया गणपति तेरा त्यौहार,

हुई गलियों में जय जयकार,

आया गणपति तेरा त्यौहार ॥


ऊँचा आसान सजाएं,

तुम्हे घर में बिठाएं,

ऊँचा आसान सजाएं,

तुम्हे घर में बिठाएं,

तेरे चरणों में है संसार,

आया गणपति तेरा त्यौहार,

हुई गलियों में जय जयकार,

आया गणपति तेरा त्यौहार ॥


शिव फुले ना समाये,

गौरा वारि वारि जाए,

शिव फुले ना समाये,

गौरा वारि वारि जाए,

आए जग के पालनहार,

आया गणपति तेरा त्यौहार,

हुई गलियो में जय जयकार,

आया गणपति तेरा त्यौहार ॥


शंख अंकुश लिए आए,

कमल पाश लिए आए,

शंख अंकुश लिए आए,

कमल पाश लिए आए,

आये मूषक पे होके सवार,

आया गणपति तेरा त्यौहार,

हुई गलियो में जय जयकार,

आया गणपति तेरा त्यौहार ॥


मनसा पूरी करो,

सबकी झोली भरो,

मनसा पूरी करो,

सबकी झोली भरो,

सारे जग के तुम करतार,

आया गणपति तेरा त्यौहार,

हुई गलियों में जय जयकार,

आया गणपति तेरा त्यौहार ॥


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श्री कृष्ण चालीसा

सनातन धर्म में भगवान श्रीकृष्ण को पूर्णावतार माना गया है। उनका जन्म भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को हुआ था।

श्री शाकम्भरी चालीसा (Shri Shakambhari Chalisa)

बन्दउ माँ शाकम्भरी, चरणगुरू का धरकर ध्यान ।
शाकम्भरी माँ चालीसा का, करे प्रख्यान ॥

तुम शरणाई आया ठाकुर(Tum Sharnai Aaya Thakur)

तुम शरणाई आया ठाकुर
तुम शरणाई आया ठाकुर ॥

अरे द्वारपालों कन्हैया से कह दो (Are Dwarpalo Kanhaiya Se Keh Do)

देखो देखो यह गरीबी, यह गरीबी का हाल,
कृष्ण के दर पे यह विशवास ले के आया हूँ।

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