जागो पहाड़ावाली तेरा, जागण वेला होया(Jaago Pahada Waali Tera Jagan Vela Hoya)

जागो पहाड़ावाली तेरा,

जागण वेला होया,

जागो गौरा माई तेरा,

जागण वेला होया ॥


जागण चिड़िया,

जागे माई ज्वाल्पा,

जागे जगमग ज्योत माँ,

तेरा जागण वेला होया

जागो पहाड़ां वाली,

तेरा जागण वेला होया ॥


नगरकोट महारानी जागो,

जागो ज्वाला माई,

तेरा जागण वेला होया

जागो पहाड़ां वाली,

तेरा जागण वेला होया ॥


गुण गांवा ललिता जी जागो

जागो झंडेवाली माई,

तेरा जागण वेला होया

जागो पहाड़ां वाली,

तेरा जागण वेला होया ॥


दुर्गा लक्ष्मी सरस्वती जागो,

जाग रही माँ काली,

तेरा जागण वेला होया

जागो पहाड़ां वाली,

तेरा जागण वेला होया ॥


जागो जीण माता असावरा जागो,

जागो जोगमाया माई,

तेरा जागण वेला होया

जागो पहाड़ां वाली,

तेरा जागण वेला होया ॥


जागो मनसा देवी नैना देवी जागो,

जागो कंवलका माई,

तेरा जागण वेला होया

जागो पहाड़ां वाली,

तेरा जागण वेला होया ॥


जागो जगदम्बा जागो जोगणिया,

जागो संतोषी माई,

तेरा जागण वेला होया

जागो पहाड़ां वाली,

तेरा जागण वेला होया ॥


जागो माई शारदा कामख्या जागो,

जागो चामुण्डा माई,

तेरा जागण वेला होया

जागो पहाड़ां वाली,

तेरा जागण वेला होया ॥


जागो विंध्यवासिनी,

कैला मैया जागो,

जागो नारायणी माई,

तेरा जागण वेला होया

जागो पहाड़ां वाली,

तेरा जागण वेला होया ॥


जागो पहाड़ावाली तेरा,

जागण वेला होया,

जागो गौरा माई तेरा,

जागण वेला होया ॥

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आ गया फागुन मेला (Aa Gaya Falgun Mela)

आ दरश दिखा दे मेरी माँ,
तुझे तेरे लाल बुलाते है,

अन्वाधान व इष्टि क्या है

सनातन हिंदू धर्म में, अन्वाधान व इष्टि दो प्रमुख अनुष्ठान हैं। जिसमें भक्त अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए किया करते हैं। इसमें प्रार्थना व पूजा कुछ समय के लिए यानी छोटी अवधि के लिए ही की जाती है।

मौनी अमावस्या पर पितरों का आशीर्वाद

मौनी अमावस्या पर लोग अपने पूर्वजों का तर्पण और पिंडदान करते हैं। धार्मिक मान्यता है कि इससे पितरों को मोक्ष की प्राप्ति होती है। पंचांग के अनुसार, इस बार मौनी अमावस्या का पर्व 29 जनवरी को मनाया जाएगा। धार्मिक मान्यता के अनुसार मौनी अमावस्या के दिन पवित्र नदी में स्नान करने से पापों से छुटकारा मिलता है।

श्री गायत्री चालीसा (Sri Gayatri Chalisa)

हीं श्रीं, क्लीं, मेधा, प्रभा, जीवन ज्योति प्रचण्ड ।
शांति, क्रांति, जागृति, प्रगति, रचना शक्ति अखण्ड ॥

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