जब जब हम दादी का, मंगल पाठ करते हैं(Jab Jab Hum Dadiji Ka Mangalpath Karte Hai)

जब जब हम दादी का,

मंगल पाठ करते हैं,

साछात धनयाणी से,

हम बात करते हैं ॥


जो मंगल पाठ कराते हैं,

उनके रहते हरदम ठाठ,

जहां ये पाठ होता है,

वहां हो खुशियों की बरसात,

जब जब हम दादी की,

जयकार करते हैं,

साछात धनयाणी से,

हम बात करते हैं ॥


कोई चुडला लाता है,

कोई मेहंदी लाता है,

कोई चूनडि लाता है,

कोई गजरा लाता है,

जब जब हम दादीँ का,

सिणगार करते हैं,

साछात धनयाणी से,

हम बात करते हैं ॥


बधाई सबको मिलती है,

खजाना सब कोई पाते हैं,

दादी जी का कैलाशी,

मिलकर लाड लडाते हैं,

जब जब हम दादीँ की,

मनुहार करते है,

साछात धनयाणी से,

हम बात करते हैं ॥


जब जब हम दादी का,

मंगल पाठ करते हैं,

साछात धनयाणी से,

हम बात करते हैं ॥

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तेरे मन में राम, तन में राम (Tere Mann Mein Ram Tan Mein Ram)

तेरे मन में राम,
तन में राम ॥

भक्त तेरे बुलाये हनुमान रे (Bhakt Tere Bulaye Hanuman Re)

भक्त तेरे बुलाये हनुमान रे,
तुझे आज रे,

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