बड़ी मुश्किल से आई तेरे दर (Badi Mushkil Se Aai Tere Dar)

बड़ी मुश्किल से आई तेरे दर,

आस पूरी माँ कर देना मेरी,

लिए संकट हजारो के हर,

आज चिंता माँ हर लेना मेरी,

बड़ी मुश्किल से आईं तेरे दर,

आस पूरी माँ कर देना मेरी ॥


तुझे सबकी खबरिया है माता,

तेरी आज्ञा से चलता विधाता,

किसकी किस्मत के कैसे सितारे,

सभी लिखा है पास तुम्हारे,

पास तुम्हारे ॥


कभी इस और करके नजर,

आस पूरी माँ कर देना मेरी,

बड़ी मुश्किल से आई तेरे दर,

आस पूरी माँ कर देना मेरी ॥


तेरी करुणा है सबपे बरसती,

फिर क्यों झोली ये मेरी तरसती,

माँ ही बेटी की गर ना सुनेगी,

फिर कहाँ मेरी बिगड़ी बनेगी,

बिगड़ी बनेगी ॥


दे के हंसने का मुझको वर,

आस पूरी माँ कर देना मेरी,

बड़ी मुश्किल से आईं तेरे दर,

आस पूरी माँ कर देना मेरी ॥


अपने आँचल में मुझको छूपाले,

तू माँ अम्बा है अब तो बचा ले,

रह के पथ्थरो में पथ्थर बनो ना,

मेरी निर्दोष विनती सुनो माँ,

हाँ हाँ विनती सुनो माँ ॥


कभी ममता से देखो इधर,

आस पूरी माँ कर देना मेरी,

बड़ी मुश्किल से आईं तेरे दर,

आस पूरी माँ कर देना मेरी ॥


बड़ी मुश्किल से आईं तेरे दर,

आस पूरी माँ कर देना मेरी,

लिए संकट हजारो के हर,

आज चिंता माँ हर लेना मेरी,

बड़ी मुश्किल से आईं तेरे दर,

आस पूरी माँ कर देना मेरी ॥

........................................................................................................
मेरी फरियाद सुन भोले(Meri Fariyad Sun Bhole)

मेरी फरियाद सुन भोले,
तेरे दर आया दीवाना,

भेजा है बुलावा, तूने शेरा वालिए (Bheja Hai Bulava Tune Shera Waliye)

भेजा है बुलावा, तूने शेरा वालिए
ओ मैया तेरे दरबार,

होलिका दहन के दौरान ना करें ये गलती

होलिका दहन का पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। इस दिन विशेष पूजा-अर्चना की जाती है और नकारात्मक ऊर्जा को खत्म करने के लिए होलिका दहन किया जाता है।

प्रदोष व्रत क्यों रखा जाता है?

हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत का विशेष महत्व है। दरअसल, यह व्रत देवाधिदेव महादेव शिव को ही समर्पित है। प्रदोष व्रत हर माह में दो बार, शुक्ल और कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को किया जाता है।

डिसक्लेमर

'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।

यह भी जाने