माता रानी कीजिये, किरपा की बरसात (Mata Rani Kijiye Karipa Ki Barsat)

माता रानी कीजिये,

किरपा की बरसात,

सर पे हमारे रखिये,

सर पे हमारे रखिये,

अपना वरदानी हाथ,

माता रानी कीजिए,

किरपा की बरसात ॥


आप अगर चाहेंगी माँ,

दुखड़े होंगे दूर,

दृष्टि दया की डालिए,

हमपे एक भरपूर,

आप जो चाहे बिगड़ी,

आप जो चाहे बिगड़ी,

बन जाएगी हर बार,

माता रानी कीजिए,

किरपा की बरसात ॥


जग जननी जगदम्बे माँ,

आपसे ये विनती,

दुखियारों ने की है माँ,

आपसे ये अर्जी,

सुखमय कर दो मैया इन,

सुखमय कर दो मैया इन,

सबके दिन और रात,

माता रानी कीजिए,

किरपा की बरसात ॥


कबसे खड़े मंगते माँ,

दुर्गा आपके द्वारे,

आस लिए आए है ये,

झोली अपनी पसारे,

इन सबकी झोली में दे,

इन सबकी झोली में दे,

दीजिये माँ खैरात,

माता रानी कीजिए,

किरपा की बरसात ॥


ना मांगे हम हीरे ना,

मांगे माँ हम ना मोती,

ना चाहे हम सोना ना,

आपसे मांगे चांदी,

जनम जनम का मैया,

जनम जनम का मैया,

हम चाहे आपका साथ,

माता रानी कीजिए,

किरपा की बरसात ॥


आपकी लीला महिमा जाने,

है ये जग सारा,

भक्तो को मिलता है ये,

आपके दर पे सहारा,

आपके के दर पे बिगड़े,

आपके के दर पे बिगड़े,

बन जाते है हालात,

माता रानी कीजिए,

किरपा की बरसात ॥


माता रानी कीजिये,

किरपा की बरसात,

सर पे हमारे रखिये,

सर पे हमारे रखिये,

अपना वरदानी हाथ,

माता रानी कीजिए,

किरपा की बरसात ॥

........................................................................................................
मासिक शिवरात्रि व्रत कथा

हिंदू धर्म में मासिक शिवरात्रि भगवान शिव को समर्पित एक पवित्र पर्व है। इस दिन भक्तगण शिवलिंग की पूजा और व्रत करते हैं।

काल भैरव जयंती: कथा और पूजा विधि

हिंदू धर्म में काल भैरव जयंती का विशेष महत्व है, हिंदू कैलेंडर के अनुसार ये तिथि मार्गशीर्ष मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाई जाती है।

हे प्रथम पूज्य गौरीनंदन, हम शरण तिहारी आए है (Hey Pratham Pujya Gaurinandan Hum Sharan Tihari Aaye Hai)

हे प्रथम पूज्य गौरीनंदन,
हम शरण तिहारी आए है,

कब है सोमवती अमावस्या

अमावस्या तिथि प्रत्येक माह के कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि होती है। इस तिथि का विशेष महत्व माना गया है। इस दिन स्नान-दान करने से पितरों की आत्मा को शांति प्राप्त होती है।

डिसक्लेमर

'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।

यह भी जाने