माता रानी ने कृपा बरसाई - भजन (Mata Rani Ne Kripa Barsayi)

माता रानी ने कृपा बरसाई

मेरी हर गल पूरी हुंडी आई

माता रानी ने कीती सुनवायी

मेरी हर गल पूरी हुंडी आई


ओने मेरे सारे रह खोल

मेरे सारे रुक्के कम शुद्ध होए

मेरी माया मेरी,

मेरी माया मेरी शुद्ध लेन आई

मेरी हर गल पूरी हुंडी आई


माता रानी आपे दौड़ी दौड़ी आई

एक हर खुशी मेरी झोली पाई

मेरी अम्बे ने,

मेरी अम्बे ने कीट्टी सुनवायी

मेरी हर गल पुरी हुनिद आई


अज मेरी मईया मेरे कर आई

कुशियां दे सागर विच दुबकी लगायी

मेरी दत्ती ने,

मेरी दत्ती ने कीति सुनवायी

मेरी हर गल पूरी हुंडी आई

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नौरता की रात मैया, गरबे रमवा आणो है (Norta ki Raat Maiya Garba Rambwa Aano Hai)

नौरता की रात मैया,
गरबे रमवा आणो है,

सन्तान सप्तमी व्रत कथा (Santana Saptami Vrat Katha)

सन्तान सप्तमी व्रत कथा (यह भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी को किया जाता है।) एक दिन महाराज युधिष्ठिर ने भगवान् से कहा कि हे प्रभो!

हे नाम रे सबसे बड़ा तेरा नाम ओ शेरोंवाली (Hey Naam Re Sabse Bada Tera Naam O Sherawali)

पग पग ठोकर खाऊं, चल ना पाऊं, कैसे आऊं मैं घर तेरे।
शक्ति दे माँ शक्ति दे माँ, शक्ति दे माँ शक्ति दे माँ॥

मंदिर बनेगा धीरे धीरे: रामजी भजन (Ramji Ka Mandir Banega Dheere Dheere)

रामजी का मंदिर बनेगा धीरे धीरे
सरयू के तीरे, सरयू के तीरे

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