जगन्नाथ भगवान जी का भजन (Jagannath Bhagwan Ji Ka Bhajan)

जगन्नाथ जगन्नाथ जगन्नाथ जगन्नाथ


चारों धाम में सबसे बड़ा है ,जगन्नाथ धाम

जगन्नाथ भगवान की, महिमा अपरम्पार

भक्तों को दर्शन देते,करते उनके काम।

कर लो भक्तों ,जगन्नाथ का ध्यान बारंबार।


जगन्नाथ जगन्नाथ जगन्नाथ जगन्नाथ


भज लो रे भक्तों जगन्नाथ को

तर जाओगे भव सागर पार।

तन मन जीवन अर्पण कर दो

प्रभु की , लीला अपरम्पार।


जगन्नाथ जगन्नाथ जगन्नाथ जगन्नाथ


सात पुरियों में एक है ,जगन्नाथ पुरी धाम

जगन्नाथ के भात को ,जगत पसारे हाथ।

करलो भक्तों महाप्रभु के ,दर्शन बारंबार

जहां विराजे जगन्नाथ ,बलभद्र ,सुभद्रा साथ।


जगन्नाथ जगन्नाथ जगन्नाथ जगन्नाथ

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भीष्म द्वादशी पूजा विधि

हिंदू धर्म में भीष्म द्वादशी का काफी महत्व है। यह माघ माह के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि को मनाई जाती है। इस साल रविवार, 9 फरवरी 2025 को भीष्म द्वादशी का व्रत रखा जाएगा।

कालाष्टमी व्रत 2024

हर महीने के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि पर भगवान शिव के रौद्र रूप काल भैरव देव की विशेष पूजा की जाती है, जो साधकों को विशेष कार्य में सफलता और सिद्धि प्रदान करते हैं।

2025 की पहली शनि त्रयोदशी कब है

जब शनिवार और त्रयोदशी तिथि एक साथ आती है तो उसे शनि त्रयोदशी कहते हैं। यह एक खास दिन होता है। यह हर महीने के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को आता है।

गोविंद दामोदर स्त्रोत

हर महीने कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि पर मासिक कृष्ण जन्माष्टमी मनाई जाती है, जो भगवान श्रीकृष्ण की कृपा प्राप्ति का एक शुभ अवसर है।

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