जय रघुनन्दन, जय सिया राम (Jai Raghunandan Jai Siya Ram Bhajan)

जय रघुनन्दन, जय सिया राम ।

भजमन प्यारे, जय सिया राम ।


जय रघुनन्दन, जय सिया राम ।

भजमन प्यारे, जय सिया राम ।


आदि राम, अनंत है राम ।

सत चित और, अनंत है राम ।

जय रघुनन्दन, जय सिया राम ॥


हनुमान के स्वामी राम ।

दीनन के दुःख हारी राम ।

जय रघुनन्दन, जय सिया राम ॥


मर्यादा पुर्शोतम राम ।

पूरण ब्रम्ह सनातन राम ।

जय रघुनन्दन, जय सिया राम ॥


तुलसी सुत तुलसी के राम ।

करुना कर भक्तों के राम ।

जय रघुनन्दन, जय सिया राम ॥


जय सिया राम जय जय सिया राम


........................................................................................................
आज है आनंद बाबा नन्द के भवन में - भजन (Aaj Hai Anand Baba Nand Ke Bhawan Mein)

आज है आनंद बाबा नन्द के भवन में,
ऐसा ना आनंद छाया कभी त्रिभुवन में,

राहो में फूल बिछाऊँगी(Raho Mein Phool Bichaungi)

राहों में फूल बिछाऊँगी,
जब राम मेरे घर आएंगे,

कदम कदम पर रक्षा करता (Kadam Kadam Par Raksha Karta)

कदम कदम पर रक्षा करता,
घर घर करे उजाला उजाला,

छठ पूजा: पटना के घाट पर (Patna Ke Ghat Par Chhath)

पटना के घाट पर,
हमहु अरगिया देब,

डिसक्लेमर

'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।