झण्डा ऊँचा रहे हमारा (Jhanda Uncha Rahe Hamara)

झण्डा ऊँचा रहे हमारा

विजयी विश्व तिरंगा प्यारा


झण्डा ऊँचा रहे हमारा

विजयी विश्व तिरंगा प्यारा


सदा शक्ति बरसाने वाला

प्रेम सुधा बरसाने वाला

वीरों को हर्षाने वाला

मातृभूमि का तन मन सारा

मातृभूमि का तन मन सारा


झण्डा ऊँचा रहे हमारा

विजयी विश्व तिरंगा प्यारा

झण्डा ऊँचा रहे हमारा


आओ प्यारे वीरों आओ

देश धर्म पर बलि-बलि जाओ

एक साथ सब मिल कर गाओ

प्यारा भारत देश हमारा

प्यारा भारत देश हमारा


झण्डा ऊँचा रहे हमारा

विजयी विश्व तिरंगा प्यारा

झण्डा ऊँचा रहे हमारा


इसकी शान न जाने पाए

चाहे जान भले ही जाए

विश्‍व विजयी कर के दिखलाएं

तब होवे प्रण पूर्ण हमारा

तब होवे प्रण पूर्ण हमारा


झण्डा ऊँचा रहे हमारा

विजयी विश्व तिरंगा प्यारा

झण्डा ऊँचा रहे हमारा


इस झँडे के नीचे निर्भय

ले स्वराज यह अविचल निश्चय

बोलो भारत माता की जय

स्वतंत्रता है ध्येय हमारा

स्वतंत्रता है ध्येय हमारा


झण्डा ऊँचा रहे हमारा

विजयी विश्व तिरंगा प्यारा

झण्डा ऊँचा रहे हमारा


स्वतंत्रता के भीषण रण में

रख कर जोश बढ़े क्षण-क्षण में

काँपे शत्रु देखकर के मन में

मिट जाये भय संकट सारा

मिट जाये भय संकट सारा


झण्डा ऊँचा रहे हमारा

विजयी विश्व तिरंगा प्यारा

झण्डा ऊँचा रहे हमारा


झण्डा ऊँचा रहे हमारा

विजयी विश्व तिरंगा प्यारा

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आजु मिथिला नगरिया निहाल सखिया (Aaj Mithila Nagariya Nihar Sakhiya)

आजु मिथिला नगरिया निहाल सखिया,
चारों दुलहा में बड़का कमाल सखिया!

आमलकी एकादशी कब मनाई जाएगी

पंचांग के अनुसार, हर महीने में दो एकादशी पड़ती हैं और साल में कुल 24 एकादशी पड़ती हैं। इन सभी एकादशी तिथियों का विशेष महत्व होता है।

रुक्मिणी अष्टमी की कथा

पौष मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को रुक्मिणी अष्टमी के रूप में मनाया जाता है। यह पर्व भगवान श्रीकृष्ण की पत्नी देवी रुक्मिणी के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है। देवी रुक्मिणी मां लक्ष्मी का अवतार मानी जाती हैं और भगवान श्रीकृष्ण की आठ पटरानियों में से एक थीं।

आषाढ़ शुक्ल पक्ष की प‌द्मा एकादशी (Aashaadh Shukla Paksh Ki Padma Ekaadashi)

युधिष्ठिर ने कहा-हे भगवन् ! आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी का क्या नाम और क्या माहात्म्य है और उस दिन किस देवता की पूजा किस विधि से करनी चाहिए? कृपया यह बतलाइये।

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