मत कर तू अभिमान रे बंदे (Mat Kar Tu Abhiman Re Bande)

मत कर तू अभिमान रे बंदे,

जूठी तेरी शान रे ।

मत कर तू अभिमान ॥


तेरे जैसे लाखों आये,

लाखों इस माटी ने खाए ।

तेरे जैसे लाखों आये,

लाखों इस माटी ने खाए ।

रहा ना नाम निशान रे बंदे,

मत कर तू अभिमान ॥


मत कर तू अभिमान रे बंदे,

जूठी तेरी शान रे ।

मत कर तू अभिमान ॥


झूठी माया झूठी काया,

वो तेरा जो हरिगुण गाया ।

झूठी माया झूठी काया,

वो तेरा जो हरिगुण गाया ।

जप ले हरी का नाम ओ बन्दे

मत कर तू अभिमान ॥


मत कर तू अभिमान रे बंदे,

जूठी तेरी शान रे ।

मत कर तू अभिमान ॥


माया का अन्धकार निराला,

बाहर उजला अन्दर काला ।

माया का अन्धकार निराला,

बाहर उजला अन्दर काला ।

इस को तू पहचान रे बंदे,

मत कर तू अभिमान ॥


मत कर तू अभिमान रे बंदे,

जूठी तेरी शान रे ।

मत कर तू अभिमान ॥


तेरे पास हैं हीरे मोती,

मेरे मन मंदिर में ज्योति ।

तेरे पास हैं हीरे मोती,

मेरे मन मंदिर में ज्योति ।

कौन हुआ धनवान रे बंदे,

मत कर तू अभिमान ॥


मत कर तू अभिमान रे बंदे,

जूठी तेरी शान रे ।

मत कर तू अभिमान ॥


मत कर तू अभिमान रे बंदे,

जूठी तेरी शान रे ।

मत कर तू अभिमान ॥

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मां अन्नपूर्णा चालीसा (Maa Annapurna Chalisa)

विश्वेश्वर पदपदम की रज निज शीश लगाय ।
अन्नपूर्णे, तव सुयश बरनौं कवि मतिलाय ।

प्रभु राम का बनके दीवाना (Prabhu Ram Ka Banke Deewana)

प्रभु राम का बनके दीवाना,
छमाछम नाचे वीर हनुमाना,

देवो के देव हे महादेव (Devo Ke Dev He Mahadev)

नाथों के नाथ महादेव शिव शंकर
भीड़ में सुनसान में साक्षात् शम्भुनाथ

अथार्गलास्तोत्रम् (Athargala Stotram)

पवित्र ग्रंथ दुर्गा सप्तशती में देवी अर्गला का पाठ देवी कवचम् के बाद और कीलकम् से पहले किया जाता है। अर्गला को शक्ति के रूप में व्यक्त किया जाता है और यह चण्डी पाठ का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।

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